नंदपुर (ऊना)। एक तरफ पिता को हार्ट अटैक आया, दूसरी ओर घर के तीन बच्चे मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे। परिवार की आय सीमित थी और माता गृहिणी थी। ऐसे समय में चुनौतियां कम नहीं थीं लेकिन माता-पिता ने बच्चों की पढ़ाई और उनके सपनों के बीच हालात को कभी आड़े नहीं आने दिया।
वर्षों की मेहनत, धैर्य और परिवार के अटूट विश्वास का परिणाम यह रहा कि आज उसी घर के तीनों भाई-बहन डॉक्टर हैं। इनमें सबसे छोटी डॉ. साक्षी सूद ने अब अपने ही क्षेत्र के सिविल अस्पताल अंब में मेडिकल ऑफिसर के रूप में जिम्मेदारी संभाल ली है। उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा बन रही है।
26 वर्षीय डॉ. साक्षी सूद अंब के प्रताप नगर स्थित प्रोफेसर कॉलोनी की रहने वाली हैं। उनके पिता संजय सूद स्थानीय दुकानदार हैं जबकि माता प्रियंका सूद गृहिणी हैं। परिवार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि बड़ी बहन डॉ. सुप्रिया सूद, भाई डॉ. साहिल सूद और अब डॉ. साक्षी तीनों चिकित्सा क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
एक साधारण दुकानदार के परिवार से तीन बच्चों का डॉक्टर बनना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। डॉ. साक्षी ने 12वीं तक की शिक्षा सुधा मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल अंब से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय नाहन से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के तहत एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर वर्ष 2025 में डिग्री हासिल की।
इसके बाद उन्होंने पंजाब के राजपुरा स्थित नीलम अस्पताल के आईसीयू में एक वर्ष तक सेवाएं दीं। बीती नौ जुलाई को उन्होंने सिविल अस्पताल अंब में मेडिकल ऑफिसर के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।
डॉ. साक्षी ने बताया कि एमबीबीएस के दौरान उनके पिता को हार्ट अटैक आया। उसी समय तीनों भाई-बहन मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहे थे।
डॉ. साक्षी ने कहा कि परीक्षा में सफलता मिले या असफलता परिवार ने कभी उनका आत्मविश्वास कम नहीं होने दिया।
उन्होंने कहा कि वह पूरी निष्ठा और ईमानदारी से मरीजों का उपचार करेंगी। भविष्य में डॉ. साक्षी का लक्ष्य कार्डियोलॉजिस्ट बनना है। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि जिस क्षेत्र में रुचि हो, उसी में अपना भविष्य बनाएं।