कहा- प्रशासन ने बिना निष्पक्ष जांच प्रधान को कर दिया निलंबित
पंचायत प्रतिनिधियों ने एडीसी ऊना को सौंपा सामूहिक इस्तीफा
निविदाओं में हेर-फेर करने और उनका सही ढंग से अवलोकन न करने का था आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। ग्राम पंचायत चताड़ा की प्रधान नीलम कुमारी को जिला प्रशासन की ओर से वीरवार को निलंबित किए जाने के बाद पूरे पंचायत क्षेत्र में असंतोष है। प्रधान के साथ उपप्रधान ज्ञान दास और अन्य वार्ड सदस्यों ने इस कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए सामूहिक इस्तीफे की घोषणा कर दी। पंचायत प्रतिनिधियों ने एडीसी ऊना महेंद्र पाल गुर्जर को इस्तीफा सौंपा।
जानकारी के अनुसार इस्तीफा सौंपने वाले चताड़ा पंचायत प्रतिनिधियों में उपप्रधान ज्ञान दास, वार्ड एक से सदस्य रामपाल, वार्ड दो से मधुबाला, वार्ड तीन से रीना रानी, वार्ड पांच से अंजना कुमारी, वार्ड छह से दविंदर कुमारी और वार्ड सात से कपूर चंद के नाम शामिल हैं। पंचायत के सभी सदस्य बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ डीसी कार्यालय पहुंचे। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि नीलम कुमारी एक ईमानदार, सक्रिय और जनसेवी प्रधान हैं, जिन्होंने अपने कार्यकाल में गांव के विकास के लिए कई योजनाओं को धरातल पर उतारा। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से बिना निष्पक्ष जांच के ही उन्हें निलंबित कर देना तानाशाही का प्रतीक है। यह निलंबन पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि पंचायत प्रधान गांव के विकास कार्य के लिए जेब से पैसा खर्च करने में भी पीछे नहीं हटतीं। अब उन पर मात्र कुछ हजार रुपये के गबन का आरोप लगाकर राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है।
निलंबित प्रधान नीलम कुमारी ने कहा कि उन्होंने हमेशा ईमानदारी से पंचायत का संचालन किया है। विकास कार्यों में पारदर्शिता और जन सुनवाई को प्राथमिकता दी है, लेकिन कुछ राजनीतिक शक्तियों को यह रास नहीं आया और मुझे साजिश के तहत निशाना बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि महिला पंचायत प्रधानों के खिलाफ इसी तरह से विधायकों के कहने पर राजनीतिक द्वेष के चलते अन्यायपूर्ण कार्रवाई होती रही तो आने वाले समय में कोई भी महिला पंचायती राज संस्थाओं में जिम्मेदारी लेने से गुरेज करेगी।
यह है मामला
पंचायत के विकास कार्यों की निविदाओं में हेर फेर करने की सूरत में पंचायत प्रधान चताड़ा नीलम कुमारी को निलंबित कर दिया गया। अरुण शारदा निवासी गांव चताड़ा तहसील और जिला ऊना की शिकायत पर विभाग ने यह कार्रवाई की है। वहीं, पंचायत सचिव को भी विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी कर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए।
इस मामले में खंड विकास अधिकारी ऊना केएल वर्मा से प्राप्त जांच रिपोर्ट के अनुसार नीलम कुमारी प्रधान ग्राम पंचायत चताड़ा विकास खंड ऊना को ग्राम पंचायत चताड़ा की ओर से वर्ष 2024-25 में प्राप्त निविदाओं (दिनांक 26 जून 2024 को खोली गई हैं) में हेर-फेर करने और उनका सही ढंग से अवलोकन न करके अपने पद और शक्तियों का सही प्रयोग न करने का दोषी पाया गया।