ऊना। जिला मुख्यालय में बिना प्रशासनिक अनुमति सैनिटाइजेशन पर बवाल हो गया है। युवा कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को एसडीएम ने बिना इजाजत सैनिटाइजेशन करने से रोक दिया। इस पर कार्यकर्ता भड़क गए और उन्होंने इसकी शिकायत विधायक से कर दी। इस पर विधायक ने मौके पर पहुंच कर कार्यकर्ताओं को दोबारा से कार्य शुरू करने की बात कही। बवाल के बीच कार्यकर्ताओं ने भेदभाव और सरकार के दबाव में कार्य करने के आरोप लगाए हैं।
कार्यकर्ताओं ने एसडीएम पर गिरफ्तारी की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। जबकि एसडीएम ने आरोप नकारते हुए युवाओं समझाने की बात कही है। इस पूरे मामले में सदर कांग्रेस विधायक सतपाल रायजादा ने प्रशासन पर दबाव में काम करने की बात कही है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को एसडीएम सदर डॉ. निधि पटेल ऊना शहर में कोरोना कर्फ्यू को लेकर निरीक्षण कर रही थी। इस दौरान उन्हें एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता शहर में सैनिटाइजेशन करते मिले। इस पर उन्होंने बिना अनुमति सैनिटाइजेशन न करने की बात कही। हालांकि कार्यकर्ताओं ने दूसरी जगहों में इस तरह का कार्य करने की दलीलें दी। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि एसडीएम ने उन्हें गिरफ्तारी की धमकी दी। मामला गरमाने पर कार्यकर्ताओं ने सदर कांग्रेस विधायक सतपाल रायजादा को इसकी सूचना दी। जिस पर वह तुरंत मौके पर पहुंचे और सैनिटाइजेशन कार्य जारी रखने के निर्देश युवाओं को दिए।
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पहले मुझ पर केस बनाए प्रशासन : विधायक
प्रशासन हारे नकारे नेेताओं के दबाव में काम कर रहा है। जिसे सहन नहीं किया जाएगा। पहले ही सैनिटाइजेशन के लिए प्रशासन से आग्रह किया था, लेकिन अनुमति नहीं दी। शुक्रवार को एसडीएम सदर ने इन्हें रोक दिया और केस बनाने की धमकी दी। यदि केस बनाने की बात है तो सबसे पहले उन पर केस बनाया जाए।
सतपाल रायजादा, विधायक कांग्रेस
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वालंटियर सैनिटाइजेशन की जरूरत नहीं : एसडीएम
नियमों का पालन करने के लिए ही कार्यकर्ताओं को कहा था। युवाओं को समझाया जा रहा था। बिना अनुमति कार्य करने पर पुलिस की ओर से चालान करने की बात कही थी। वर्तमान में वालंटियर सैनिटाइजेशन की जरूरत नहीं है। जरूरत पड़ने पर संपर्क किया जाएगा।
डॉ. निधि पटेल, एसडीएम ऊना