टाहलीवाल (ऊना)। क्षेत्र में शुक्रवार को ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया गया। कोरोना महामारी के कारण मुस्लिम समुदाय के लोगों ने घरों में ही ईद की नमाज अता की। कोविड संक्रमण के चलते ईद मनाने के लिए एक साथ एकत्रित नहीं हुए। ईद पर कोरोना संक्रमण के खात्मे और अमन चैन की दुआ मांगी। टाहलीवाल के इमाम मोहम्मद राशिद सुल्तान कादरी ने बताया कि रोजेदार के लिए ईद-उल-फितर अल्लाह की तरफ से इनाम है। ईद के दिन रोजेदार के सारे गुनाह माफ कर दिए जाते हैं।
ईद का शाब्दिक अर्थ खुशी होता है। एक ऐसी खुशी जो सभी के लिए होती है। ईद शब्द को उद से लिया गया हैं। जिसका मतलब बार-बार आने वाली खुशी है। उन्होंने बताया कि पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब ने पहली बार ईद हिजरी सन दो में अपने दोस्तों के साथ मनाई थी। तभी से ईद मनाने की परंपरा शुरू हुई। कहा कि कोरोना महामारी के चलते सरकार के निर्देशानुसार टाहलीवाल मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईद की नमाज अपने-अपने घरों पर ही अदा की और सभी ने कोरोना महामारी के खात्मे के लिए, मुल्क की तरक्की, सब की हिफाजत, अमन चैन और आपसी भाईचारा कायम रहने की दुआ मांगी।