घनारी (ऊना)। मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के चलते बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। सर्दी, जुकाम, बुखार और सिरदर्द के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि मौजूदा संक्रमण के पीछे मुख्य रूप से रेस्पिरेटरी संक्रमण से पैदा होने वाला वायरल बुखार है जो अक्सर मौसम में बदलाव होने पर लोगों को चपेट में ले लेता है और व्यक्ति दर व्यक्ति आगे फैलता है। गगरेट अस्पताल समेत इस उपमंडल के विभिन्न अस्पतालों सीएचसी दौलतपुर चौक, पीएचसी मरवाड़ी, पीएचसी सुंकाली और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों की संख्या आम दिनों के अपेक्षाकृत बढ़ी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बीते कुछ दिनों में ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। बीते एक सप्ताह में अकेले दौलतपुर चौक अस्पताल में ही ओपीडी 1000 का आंकड़ा पार कर गई है।
बदलते मौसम में खुद को सुरक्षित रखने के लिए सावधानी जरूरी
चिकित्सकों का कहना है कि बदलते मौसम में खुद को सुरक्षित रखने के लिए सावधानी बरतनी जरूरी है। संक्रमण से बचने के लिए भीड़भाड़ वाली जगह पर मास्क पहनना, हाथ धोने की आदत डालना और संतुलित आहार लेना फायदेमंद होगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा के अनुसार, मौसम बदलने के कारण रेस्पिरेटरी संक्रमण से वायरल बुखार के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। लोगों को अपनी इम्युनिटी मजबूत रखने के लिए पोषण युक्त आहार लेना चाहिए और जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए। डॉ. वर्मा ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को लगातार बुखार, गले में खराश, सिर और शरीर में दर्द जैसी समस्याएं हो रही हैं, तो वे घबराएं नहीं बल्कि जल्द नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर उपचार करवाएं। नियमित रूप से हाथ धोएं, पौष्टिक आहार लें, पर्याप्त पानी पिएं, संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें।