अब श्राद्ध के चलते बाजारों में और कम हुई रौनक
संवाद न्यूज एजेंसी
गगरेट (ऊना)। पिछले कई दिनों से प्रदेश सहित अन्य राज्यों में हो रही लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बाजारों में रौनक गायब है। बरसात से हुई तबाही का असर देवभूमि हिमाचल के पर्यटन और धार्मिक पर्यटन दोनों पर पड़ा है। पड़ोसी राज्यों में बाढ़ से जूझ रहे लोग अपनी जिंदगी संभालने में लगे हुए हैं, वहीं अन्य राज्यों के पर्यटक भी भारी बारिश के डर से हिमाचल के देवस्थलों और शक्तिपीठों में आना कम कर चुके हैं।
इसका सीधा असर होटल और ढाबा संचालकों पर पड़ रहा है। प्राकृतिक आपदा के बीच मंदी का दौर अलग से चल रहा है। अब पितृपक्ष के श्राद्ध शुरू होने से देवभूमि हिमाचल के बाजारों में कारोबार और धीमा हो गया है। हालांकि 22 सितंबर से नवरात्र की शुरुआत के साथ ही त्योहारों का सीजन शुरू हो जाएगा, जिससे व्यापारियों को लंबे समय से चली आ रही मंदी खत्म होने की उम्मीद है। क्षेत्र के दुकानदार कपिल, अरविंद, प्रिंस, संजय, संजीव, विकास आदि ने बताया कि प्राकृतिक आपदा के कारण पहले ही कारोबार मंदा था, अब श्राद्ध पक्ष के कारण अगले 14 दिन और मंदी बनी रहेगी लेकिन 22 सितंबर के बाद उन्हें भरोसा है कि बाजारों में फिर से रौनक लौटेगी।
22 सितंबर से लागू होंगी जीएसटी की नई दरें, रोजमर्रा का सामान होगा सस्ता
22 सितंबर से जीएसटी की नई दरें 18% और 5% लागू होने जा रही हैं, जिससे रोजमर्रा की वस्तुओं के दामों में कमी आएगी। यह सर्वविदित है कि त्योहारों के समय वस्तुओं के दाम घटने से बाजारों में रौनक लौट आती है। ऐसे में उम्मीद है कि धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा और प्रदेश का कारोबार फिर से पटरी पर आएगा।
भारी बारिश से धार्मिक पर्यटन को लगा झटका