सड़कों पर घूमते लावारिस पशुओं के लिए सहारा बने खरयालता के वही निवासी रणवीर सिंह पेश कर रहे मिसाल
संवाद न्यूज एजेंसी
जोल (ऊना)। गर्मी के मौसम में प्यास बुझाने के लिए परोपकारी लोग मानव सेवा के लिए क्या कुछ नहीं करते हैं। कोई हाईवे और कुछ सार्वजनिक स्थानों पर पानी के स्टाल लगवाते हैं। यहां तक की कई लोग तो इस मौसम की शुरुआत के साथ ही बेजुबान पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए पेड़ों पर भी कुछ बांधकर इंतजाम करते हैं, लेकिन आज हम बात कर रहे हैं जिला ऊना की एक ऐसी ग्राम पंचायत की, जहां पर भीषण गर्मी के मौसम में लावारिस पशुओं का भी ख्याल रखते हुए एक दर्जनों पशु प्याऊ लगाए गए हैं। इस प्रकार इस भीषण गर्मी के मौसम में प्यास बुझाने के लिए लावारिस पशुओं के लिए सहारा बने हुए हैं।
उपतहसील जोल के अंतर्गत ग्राम पंचायत खरयालता के गांव वही से हिमाचल पथ परिवहन के ड्राइवर पद से सेवानिवृत्त रणवीर सिंह ठाकुर लम्वड ने तलमेहडा से जोल सड़क पर दर्जनोंं स्थानों पर आवारा पशुओं की प्यास बुझाने के लिए पशु प्याऊ लगाकर समाज के लिए एक अनूठी और प्रेरणा की मिसाल कायम की है। गांव वही के एचआरटीसी विभाग ऊना से ड्राइवर पद से सेवानिवृत्त रणवीर सिंह लम्वड ने बताया कि इतते तेज तापमान को देखते हुए पानी की जो इन दिनों की किल्लत चल रही है और इस बार सभी जंगल भी आग की चपेट में आ गए हैं, जिसमें मानव तो कहीं न कहीं से पानी की समस्या का हल ढूंढ लेता है, लेकिन जो हमारे लावारिस पशु इस भीष्ण गर्मी में प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर घूमते रहते हैं ।ऐसे ही पशुओं की समस्या को देखते हुए हमने अपनी ग्राम पंचायत खरयालता के प्राचीन ध्यूंसर सदाशिव मंदिर तलमेहड़ा से जोल सड़क के किनारे 5 से 6 जगह चिन्हित करके ऐसे पशुओं के लिए प्याऊ लगाए हैं।
सुबह-शाम अपनी गाड़ी से भरते हैं ताजा पानी
रणवीर सिंह लम्वड का कहना है कि ग्राम पंचायत खरयालता में हमने जहां-जहां भी पशु प्याऊ लगवाए हैं। उनमें हम सुबह-शाम लावारिस पशुओं की प्यास का ख्याल रखते हुए अपनी गाड़ी के माध्यम से शुद्ध और ताजा पानी भरते हैं। हमारे इस पहल से भीषण गर्मी के मौसम में आवारा पशुओं को भी राहत प्रदान हो रही है।
धर्म और कर्म का है यह पुनीत कार्य
गांव वही के सेवानिवृत्त रणवीर सिंह लम्वड ने बताया कि लावारिस पशुओं की प्यास बुझाने के लिए पशु प्याऊ लगवाने के पीछे मेरा उद्देश्य यह है कि इधर-उधर पानी की तलाश में घूमने वाले लावारिस पशुओं को आसानी से पीने के लिए पानी मिल जाए। हमारी इस पहल से इस धर्म का धर्म और कर्म का कर्म भी पशुओं की प्यास बूझाकर निभा रहे हैं।
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