चंडीगढ़-धर्मशाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर जमकर नारेबाजी, यातायात पर आंशिक असर
महर्षि वाल्मीकि गुरु रविदास यूथ एकता महासभा के पदाधिकारियों ने किया प्रशिक्षुओं का समर्थन
कहा- मांग न मानी तो कुछ दिन में बड़े स्तर पर होगा विरोध प्रदर्शन
इस सत्र की कक्षाएं ऊना आईटीआई में जारी रखने की मांग कर रहे प्रशिक्षु
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। एसओए आईटीआई ऊना से गगरेट शिफ्ट करने के खिलाफ प्रशिक्षुओं का रोष प्रदर्शन शनिवार को उग्र हो गया। शनिवार को महर्षि वाल्मीकि गुरु रविदास यूथ एकता सभा की अगुवाई में प्रशिक्षुओं ने चंडीगढ़-धर्मशाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोष रैली निकाली और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रशिक्षुओं व महर्षि वाल्मीकि गुरु रविदास यूथ एकता सभा के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि अगर मांगें न मानी तो आने वाले दिनों में सड़क पर चक्का जाम करेंगे और प्रशिक्षुओं के परिजनों को साथ लेकर बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार और प्रशासन जिम्मेदार है। प्रशिक्षुओं की रोष रैली सुबह 11:30 बजे महिला आईटीआई ऊना से शुरू होकर रेड लाइट चौक से होकर उपायुक्त कार्यालय के बाहर समाप्त हुई। प्रशिक्षुओं के साथ रोष रैली में शामिल महर्षि वाल्मीकि गुरु रविदास यूथ एकता सभा के पदाधिकारियों ने भी जमकर नारेबाजी की। राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात आंशिक रूप से बाधित हुआ। हालांकि, पुलिसकर्मी लगातार यातायात प्रबंधन में जुटे रहे। इसके बाद प्रशिक्षुओं ने उपायुक्त को मांगपत्र सौंपा। उपायुक्त ने इस मामले के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे रोष प्रदर्शन समाप्त किया गया।
सभा के अध्यक्ष अमित वाल्मीकि ने कहा कि सरकार ने बीच सत्र में जिला मुख्यालय से दूर गगरेट में एसओए आईटीआई को शिफ्ट कर दिया। इस फैसले को वापस लिया जाए। अन्यथा यूथ एकता सभा प्रशिक्षुओं के परिजनों को साथ लेकर सड़क पर चक्का जाम करेगी। उन्होंने कहा कि बीच सत्र में आईटीआई शिफ्ट करना प्रशिक्षुओं के साथ अन्याय है। अमित वाल्मीकि ने कहा कि आईटीआई में छात्रों को दाखिला देते समय किसी ने भी यह नहीं कहा था कि उन्हें इस संस्थान के बजाय गगरेट में जाकर पढ़ना पड़ेगा। अब जबकि इन छात्रों की कक्षाएं नियमित रूप से चल रही हैं तो ऐसे में इन ट्रेड को 30 से 35 किलोमीटर दूर शिफ्ट करना न्यायसंगत नहीं है। वहीं, सभा के सलाहकार सरदार चंचल सिंह ने कहा कि प्रशिक्षु अपनी मांगों को लेकर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के पास गए। सदर विधायक सतपाल सत्ती से भी मुलाकात की लेकिन किसी राजनीतिक दल ने उनका कोई समर्थन नहीं किया।
प्रदर्शन में शामिल प्रशिक्षु आकाश कुमार ने बताया कि वह बिलासपुर का रहने वाला है। वह एसओए आईटीआई ऊना में प्रशिक्षण पा रहा है। लेकिन, कुछ दिन पहले इसे गगरेट शिफ्ट कर दिया गया। कहा कि उसके लिए गगरेट में रहकर प्रशिक्षण हासिल करना बेहद मुश्किल है। ऊना में हॉस्टल की सुविधा है और आना जाना सुगम है। गगरेट जाने में 35 किलोमीटर अतिरिक्त सफर होगा। वहां रहने के लिए महंगा कमरा लेना पड़ेगा।
प्रशिक्षु रोहित कुमार ने बताया कि वह हरोली के ललड़ी गांव से आता है। कहा कि सरकार ने उनकी यही मांग है कि इस सत्र की पढ़ाई ऊना में ही करवाई जाए। अगला सत्र गगरेट से शुरू कराया जाए। उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। बीच सत्र में आईटीआई 35 किलोमीटर दूर शिफ्ट करना सरासर गलत निर्णय है।
क्या है मामला
एसओए आईटीआई गगरेट की कक्षाएं पिछले कुछ साल से ऊना शहर स्थित महिला आईटीआई में संचालित हो रही थीं। जहां करीब 60 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। सरकार ने हाल ही में निर्णय लिया था कि आईटीआई को गगरेट शिफ्ट किया जाए। इस फैसले के खिलाफ 16 नवंबर से प्रशिक्षु धरना दे रहे थे। बीते वीरवार को गगरेट के विधायक राकेश कालिया ने राजकीय बहुतकनीकी संस्थान अंबोटा में एसओए आईटीआई का शुभारंभ कर दिया। इस अवसर पर प्रशिक्षु हरीश, लक्की, करण, आकाश, मनीष, सतवीर, रीतिश, शिवांग, गुरप्रीत, नीरज, हर्ष, मुकेश, वंश, राहुल, विशाल सहित अन्य उपस्थित रहे।