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Una News: बारिश से बढ़ी किसानों की चिंता, बिछी गेहूं की फसल के सड़ने का खतरा

Sun, 29 Mar 2026 11:56 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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चकसराय (ऊना)। जिले में मार्च में हो रही बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी कर दी हैं। जिन किसानों की गेहूं की फसल पहले ही अंधड़ या तेज हवाओं के कारण खेतों में गिर चुकी है, उनके सामने अब फसल के सड़ने और गलने का खतरा मंडरा रहा है। इसके साथ ही चूहों द्वारा फसल को नुकसान पहुंचाने का डर भी किसानों को सता रहा है।
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जिन किसानों की फसल पूरी तरह पककर तैयार हो चुकी है, वे अब ओलावृष्टि की आशंका से चिंतित हैं। यदि इस समय ओले पड़ते हैं तो उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है और भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

स्थानीय किसानों का कहना है कि पहले ही खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। ट्रैक्टर से बिजाई, महंगे बीज और उर्वरकों के कारण लागत में भारी इजाफा हुआ है और अब मौसम की मार ने उनकी परेशानी को और बढ़ा दिया है।
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किसान जीत सिंह का कहना है कि खेती करना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है। ट्रैक्टरों की बिजाई महंगी हो गई है, बीज और खाद के दाम भी आसमान छू रहे हैं। ऊपर से यह बारिश हमारी फसल को नुकसान पहुंचा रही है जिससे हमें भारी आर्थिक नुकसान का डर है।
किसान सतीश कुमार बताया कि जब भी मौसम खराब होता है, सबसे ज्यादा मार किसान ही झेलता है लेकिन ऐसे समय में सरकार की तरफ से कोई खास मदद नहीं मिलती। अगर फसल खराब हो जाती है तो किसान के पास कोई सहारा नहीं बचता। ऐसे में हम करें तो क्या करें।
किसानों ने सरकार से मांग की है कि इस कठिन समय में फसल नुकसान का उचित आकलन कर उन्हें मुआवजा दिया जाए, ताकि वे आर्थिक संकट से उबर सकें।
गेहूं की फसल के लिए इस समय धूप की आवश्यकता है तभी दाना पूरी तरह विकसित हो पाएगा। कई इलाकों में फसल बारिश और हवाओं के कारण गिरी भी है। उसका सर्वेक्षण विभाग की ओर से किया जा रहा। डॉ. प्रेम ठाकुर, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग
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