ऊना। जिले में निजी स्कूलों की मान्यता, पंजीकरण और नवीनीकरण को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी भी प्रकार की लापरवाही या दस्तावेजों में कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी निजी स्कूलों को अपने आवश्यक दस्तावेज पूरी तरह से तैयार रखने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार नए सत्र के प्रारंभ से ही जिले के सभी निजी स्कूलों के दस्तावेजों की व्यापक जांच की जाएगी। इसके तहत स्कूलों से मान्यता पंजीकरण प्रमाण पत्र, भूमि संबंधी दस्तावेज जैसे नकल और जमाबंदी, किराये पर चल रहे स्कूलों के लिए किरायानामा, बीते वित्त वर्ष की चार्टर्ड अकाउंटेंट रिपोर्ट, भवन सुरक्षा प्रमाण पत्र और फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से मांगे गए हैं।
इसके अलावा स्कूलों को अपनी फीस संरचना और विभिन्न फंड्स से संबंधित पूरा विवरण भी प्रस्तुत करना होगा, ताकि अभिभावकों से वसूली जाने वाली राशि की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
शिक्षा विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि जांच के दौरान यदि किसी स्कूल में दस्तावेजों की कमी, गलत जानकारी या नियमों की अनदेखी पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें मान्यता रद्द करना, जुर्माना लगाना या अन्य कानूनी कदम शामिल हो सकते हैं।
आवेदन प्रक्रिया को किया गया सरल
मान्यता पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए विभाग ने आवेदन फॉर्म का एक निर्धारित प्रारूप भी जारी किया है। सभी स्कूलों को इसी प्रारूप में आवेदन करना होगा, जिससे प्रक्रिया में एकरूपता और पारदर्शिता बनी रहे।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता और पारदर्शिता लाना है। साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि निजी स्कूल नियमों के अनुरूप संचालित हों और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। जिले के निजी स्कूलों में अनुशासन और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है। आने वाले समय में यह कदम शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। सोमलाल धीमान, उपनिदेशक जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग