नारी (ऊना)। विद्युत बोर्ड के रक्कड़ मंडल के तहत बिजली व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य शुरू हो गए हैं। मंडल के सात उपमंडलों में बिजली लाइनों का विस्तार, पुराने नेटवर्क का नवीनीकरण, ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और नए उपकरण लगाने का कार्य किया जा रहा है। इन कार्यों के पूरा होने से उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज, बार-बार आने वाले फॉल्ट और ओवरलोडिंग जैसी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
बोर्ड के अनुसार पुराने फीडरों पर बढ़ते लोड को कम करने और नए सबस्टेशनों से बेहतर कनेक्टिविटी के लिए 45 से 60 किलोमीटर नई 11 केवी हाई टेंशन लाइनें बिछाई जा रही हैं। साथ ही करीब 80 से 100 किलोमीटर पुरानी एलटी लाइनें बदली जा रही हैं, जिससे वोल्टेज में सुधार होगा और बिजली आपूर्ति अधिक सुचारु हो सकेगी।
बिजली चोरी रोकने और पेड़ों की टहनियों से होने वाले फॉल्ट कम करने के लिए कई क्षेत्रों में एरियल बंच (एबी) केबल भी बिछाई जा रही है। वहीं कृषि, छोटे उद्योगों और कारीगरों को बेहतर बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 30 से 40 किलोमीटर सिंगल फेज लाइनों को थ्री फेज में बदला जा रहा है।
बढ़ते बिजली लोड को देखते हुए 25, 63 और 100 केवीए क्षमता के 80 से 100 नए डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा 50 से अधिक ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। जरूरत के अनुसार 63 केवीए ट्रांसफार्मर को 100 केवीए और 100 केवीए को 250 केवीए में अपग्रेड किया जा रहा है। 33/11 केवी सबस्टेशनों की क्षमता बढ़ाने का कार्य भी जारी है। वहीं रक्कड़ सबडिवीजन में छोटे रखरखाव कार्यों के लिए अलग से बजट जारी किया गया है, जिसके तहत जमीनी स्तर पर काम चल रहा है।
रक्कड़ विद्युत मंडल के तहत सात सबडिवीजनों में 30 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य शुरू हो चुके हैं। बोर्ड का लक्ष्य उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना और फॉल्ट की घटनाओं को न्यूनतम करना है।
-यशविंदर सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत बोर्ड