ऊना में आलू की फसल की देखभाल करता किसान। (फाइल फोटो)
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ऊना। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा सोमवार को प्रस्तुत किए गए 2025-26 के बजट में ऊना जिला को कई सौगात मिली हैं। बजट में आलू प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित किए जाने की घोषणा से जिलावासी गदगद हैं। 20 करोड़ रुपये की लागत से यह यूनिट स्थापित होगी। जिसमें 500 किलोग्राम प्रति घंटा के हिसाब से आलू की प्रोसेसिंग होगी। जिले में 3400 हेक्टेयर एरिया में आलू की फसल तैयार की जाती है।
जिले में 54,200 मीट्रिक टन आलू का उत्पादन वर्तमान में किया जाता है। यहां पर दो सीजन में आलू की खेती किसान करते हैं। सरकार की घोषणा से किसानों के सपनों को पंख लग गए हैं।
ऊना में आलू की अच्छी पैदावार होती है और यहां का आलू देशभर में प्रसिद्ध है। इस क्षेत्र में अपार संभावनाओं को देखते हुए सरकार ने आलू प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने का निर्णय लिया है। आलू की खेती से जुड़े पंडोगा के किसान अजय ठाकुर और गुरपाल चौधरी समेत अन्य किसानों का कहना है कि सरकार के इस फैसले से आलू की खेती में लगे लोगों को बड़ा संबल मिलेगा।
वहीं दूसरी ओर ऊना में मिल्क चिलिंग काउंटर खुलने से भी दुग्ध उत्पादकों को काफी फायदा होगा। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में नवजात शिशु केंद्र, अंब, हरोली में ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित की जाएंगी। गगरेट, चिंतपूर्णी, बंगाणा समेत हर विस क्षेत्र में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जाने के लिए भी बजट में 31-31 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
ऊना जिला को शिक्षा की दृष्टि से सुदृढ़ करने के लिए छात्रावास बनाने की घोषणा की गई। गगरेट में वर्किंग वूमैन हॉस्टल बनाया जाएगा। हरोली में प्रदेश का पहला ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रैक स्थापित किया जाएगा। भारत सरकार के विंग्स प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन के लिए सरकार ने बजट में हामी भरी है, जिसका महिलाओं और शिशुओं को लाभ मिलेगा।
नशा मुक्ति केंद्र को भी सुसज्जित करने का एलान किया गया है। बिजली के सुदृढ़ीकरण के लिए भी सबस्टेशन स्थापित करने की घोषणाएं की गईं हैं। उत्तरी भारत के सुप्रसिद्ध माता चिंतपूर्णी मंदिर के विस्तारीकरण से लेकर सौंदर्यीकरण के लिए सरकार ने बजट में स्वीकृति प्रदान की है।