ऊना। कोरोना को हरा चुके मरीजों को अब कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नागरिक अस्पताल अंब में स्थापित पोस्ट कोविड सेंटर में रोजाना औसतन दस पोस्ट कोविड मरीज स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के उपचार के लिए आ रहे हैं। इसमें मधुमेह को नियंत्रित करने में दिक्कत, कमजोरी, सांस फूलना, मानसिक और त्वचा रोग से ग्रस्त सबसे अधिक मरीज शामिल हैं। इन मरीजों का अंब अस्पताल में चिकित्सकों की देखरेख में उपचार किया जा रहा है।
जिले में पोस्ट कोविड मरीजों में मधुमेह नियंत्रण करने में दिक्कतें आ रही है। जो लोग कोरोना की चपेट में आने से पहले शूगर के मरीज थे, उनमें अधिकतर को शूगर कंट्रोल करने में दिक्कत आ रही है। इसके अलावा शरीर में कमजोरी, दर्द, सांस फूलना आदि दिक्कत पेश आ रही है। ऐसे करीब 500 मरीज डॉक्टरों से परामर्श ले चुके हैं। मरीज अंब में पहुंचकर इलाज करवा रहे हैं। दूरदराज के मरीज हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर चिकित्सकों से परामर्श हासिल कर रहे हैं।
जिले में इस समय में एक ही पोस्ट कोविड सेंटर काम कर रहा है। पोस्ट कोविड सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ. रुपेंद्र शर्मा ने बताया कि रोजाना करीब दस पोस्ट मरीज ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचते हैं। अंब अस्पताल के एसएमओ डॉ. राहुल कतना ने बताया कि जरनल ओपीडी में भी पोस्ट कोविड मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इन मरीजों में शूगर की समस्या, सांस फूलना, थकावट महसूस होना आदि दिक्कतें अधिक देखी जा रही हैं।
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिला के नागरिक अस्पताल अंब में बनाए पोस्ट कोविड सेंटर में पांच बेड की व्यवस्था है। यह व्यवस्था गंभीर पोस्ट कोविड मरीजों के लिए है। पोस्ट कोविड सेंटर में अभी तक किसी मरीज को दाखिल करने की जरूरत नहीं पड़ी है।
केस स्टडी-1
अंब के शशि कुमार (बदला हुआ नाम) कोरोना संक्रमित हुए थे। अब वे निगेटिव हैं। उन्हें शूगर कंट्रोल करने में दिक्कत आ रही है। इसके अलावा थकावट की समस्या से भी वे परेशान हैं। चिकित्सक से इस संबंध में परामर्श लिया है और अब उपचार चल रहा है।
केस स्टडी-2
अंब के रामप्रकाश दूसरी लहर में कोरोना संक्रमण की चपेट में आए थे। कोरोना से तो रामप्रकाश ठीक हो चुके हैं लेकिन सांस फूलने की दिक्कत, शारीरिक कमजोरी अब भी उन्हें परेशान कर रही है। चिकित्सक से परामर्श लेकर वह उपचार ले रहे हैं।