ऊना। विकास खंड गगरेट की ग्राम पंचायत बड़ोह के पंचायत पदाधिकारियों के क्षेत्र के एक उद्योग के खिलाफ आवाज बुलंद की है। आरोप है कि उद्योग से लगातार गंदा पानी गांव की खड्ड में फेंका जा रहा है जिससे क्षेत्र में बदबू रहती है।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि हवा और जमीन में घुल रहे प्रदूषण से इलाके में बीमारियों फैलने का खतरा बढ़ गया है। प्रदूषण की मार से पशुपालकों की चार भैंसे मर चुकी है।
शनिवार को पंचायत प्रतिनिधियों की अगुवाई में इलाका वासी जिला मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों के ग्रामसभा में पारित प्रस्ताव की प्रतिलिपि उपायुक्त ऊना जतिन लाल को सौंपी और समस्या के समाधान की गुहार लगाई।
जिला मुख्यालय पहुंचे ग्राम पंचायत बड़ोह के प्रधान यशपाल सिंह, उपप्रधान गुरमेल सिंह ने बताया कि बीती पांच जुलाई को हुई ग्रामसभा में क्षेत्र में बढ़ते जल एवं वायु प्रदूषण का मुद्दा जोर-शोर से उठा।
इसके बाद ग्रामसभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर जिला प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग की है। प्रस्ताव की प्रतिलिपि उपायुक्त ऊना और एसडीएम गगरेट को दी गई है। यशपाल सिंह ने बताया कि उपमंडल गगरेट के गांव बुंबलू कलोह में संचालित एमएस गोयल फूड वर्ल्ड द्वारा खुले में गंदा पानी छोड़ने से क्षेत्र में जल और वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा गया है कि उद्योग से छोड़ा जा रहा गंदा पानी गांव पावड़ा से होकर बहता हुआ करीब 15 किलोमीटर तक जल शक्ति विभाग के कार्यालय की ओर नाले में पहुंचता है। इसके कारण बदबू फैल रही है।
मौके पर मौजूद ओयल पंचायत की प्रधान किरण जसवाल, गगरेट ब्लॉक उपाध्यक्ष दीपांशु डढवाल, वार्ड पंच दर्शना मान, रेनू, सुमन देवी, रक्षा देवी ने दावा कि प्रदूषित पानी के कारण पंचायत क्षेत्र में पशुओं को भी नुकसान हो रहा है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि उच्च अधिकारी स्वयं गांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लें और प्रदूषण की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने पंचायत पदाधिकारियों व ग्रामवासियों को आश्वासन दिया कि मौके पर संबंधित विभाग की टीमों को भेजा जाएगा और कोई गड़बड़ी या नियमों से खिलवाड़ पाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी।