पत्रकारों से बातचीत करते विधायक कंवर।
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कुटलैहड़ से भाजपा विधायक वीरेंद्र कंवर ने कहा कि युकां अध्यक्ष विक्रमादित्य प्रदेश की राजनीति में स्थापित होने के चक्कर में कांग्रेस के वरिष्ठ मुख्यमंत्री और अपने पिता वीरभद्र सिंह को ही सरकार का चेहरा बदलने तथा कैबिनेट में बदलाव करने का सुझाव देने लगे हैं। इससे साफ है कि अब वीरभद्र सिंह की बेटे पर पकड़ नहीं है या फिर बेटा बाप से आगे निकलने के लिए मर्यादाओं को तोड़ रहा है।
कंवर शनिवार को स्थानीय विश्रामगृह में पत्रकारों के साथ बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विक्रमादित्य ने अपने पिता को सलाह देने के अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और चुने हुए कांग्रेसी विधायकों की कार्यप्रणाली पर अंगुली उठाई है। उन्होंने कहा कि युकां विधायकों का रिपोर्ट कार्ड तैयार करेगी, तो कांग्रेस के सीनियर लीडर्स को संन्यास ले लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में नेताओं का रिपोर्ट कार्ड चुनावों में जनता ही तैयार करती है। कंवर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कुटलैहड़ दौरे के दौरान ऊना और कुटलैहड़ से भाजपा विधायकों की जीत को हल्के में लिया है।
भाजपा विधायकों की जीत को अपने ही कांग्रेस नेताओं के भितरघात का कारण बताकर साफ कर दिया है कि कांग्रेस को अपने ही नेताओं पर विश्वास नहीं है। सीएम ने अपने कुटलैहड़ दौरे में बेशुमार घोषणाएं की हैं, लेकिन वह बताएं कि पिछले दौरे में उन्होंने जो घोषणाएं की थीं, उनका स्टेटस क्या है। कुटलैहड़ में पानी की समस्या पर सीएम ने एक शब्द नहीं बोला। हलके में 25 हैंडपंप लगाने की घोषणा जरूर की है, लेकिन उन्होंने पिछले दौरे में उन्होंने 40 हैंडपंप लगाने की घोषणा की थी, उनका क्या हुआ? जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आई है, तब से कुटलैहड़ में एक भी नया हैंडपंप नहीं लग पाया। उन्होंने कहा कि सीएम ने पीएचसी को सीएचसी बनाने की घोषणा की है, जिसका वह स्वागत करते हैं लेकिन हकीकत यह है कि पीएचसी थानाकलां, सीएचसी बंगाणा और पीएचसी लठियाणी में चिकित्सा सुविधाएं दम तोड़ रही हैं। इस अवसर पर मंडलाध्यक्ष मनोहर लाल, महासचिव मास्टर तरसेम लाल, जिला मीडिया प्रभारी राजकुमार पठानिया, कमल नयन, सुरेंद्र हटली और गुरदियाल आदि मौजूद रहे।