टाहलीवाल (ऊना)। जिले में एक नशा निवारण केंद्र के मालिक की गाड़ी को केंद्र में भर्ती रोगी ही उड़ा ले गया। हालांकि, बाद में आरोपी ने मालिक को इसकी सूचना भी दे डाली। इस सूचना पर गाड़ी हिमाचल-पंजाब की सीमा पर पंडोगा बैरियर के पास बरामद कर ली गई।
आरोप है कि उक्त रोगी गाड़ी में रखा 40 हजार रुपये का कैश, दो मोबाइल व दो एटीएम कार्ड अपने साथ लेकर भाग गया। आरोपी की पहचान अजय ओबरॉय निवासी जालंधर पंजाब के तौर पर हुई है। दोनों पक्षों में आपसी सहमति होने पर पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र के बढेड़ा गांव में स्थित एक नशा निवारण केंद्र के मालिक राहुल पुत्र केपी सिंह मंगलवार दोपहर करीब पौने दो बजे डीएवी स्कूल ऊना के नजदीक अपने ताया के घर पहुंचा। इस दौरान गाड़ी में उसकी माता निशा सिंह व उसके केंद्र में भर्ती अजय ओबरॉय भी सवार था।
राहुल उन दोनों का सड़क किनारे गाड़ी में छोड़कर ताया के घर किसी काम से गया। इस दौरान उसने चाबी भी गाड़ी में ही छोड़ दी। मौके का फायदा उठाकर आरोपी ने गाड़ी को साइड में लगाने का बहाना लगा महिला को नीचे उतार दिया और गाड़ी लेकर भाग गया।
राहुल ने मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी। बताया जा रहा कि इसके बाद आरोपी ने खुद ही राहुल को फोन कर गाड़ी पंडोगा बैरियर के पास खड़ी होने की बात कही। जब वे गाड़ी के पास पहुंचे तो उसमें से 40 हजार रुपये की नकदी, दो मोबाइल फोन व दो एटीएम कार्ड गायब थे। एएसपी प्रवीण धीमान ने बताया कि मंगलवार दोपहर को मामला पुलिस के संज्ञान में आया था। कहा कि दोनों पक्षों में आपसी सहमति हो चुकी है।