ऊना। स्थान-आईएसबीटी ऊना। दिन सोमवार। समय शाम चार बजकर 10 मिनट। अमर उजाला की टीम ने आईएसबीटी ऊना का दौरा किया। निजी बस आपरेटरों की हड़ताल के चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। ड्यूटी के बाद कई लोग बस अड्डे में बैठकर बस का इंतजार करते नजर आए। हालांकि एचआरटीसी ने भी करीब 20 लोकल रूटों पर यात्रियों की सुविधा के अतिरिक्त बसें चलाई हैं।
सोमवार को निजी बस सेवा ठप होने के कारण को लोगों को घर जाने के लिए दो से तीन घंटे बस अड्डे में बैठकर इंतजार करना पड़ा। कई यात्री तो बस अड्डे में बस के इंतजार में बैठे-बैठे कुर्सी पर ही सो गए। इसके अलावा अड्डे में लगी कुर्सियों पर सैनिटाइज करने को लेकर भी व्यवस्था न के बराबर नजर आई। एचआरटीसी की कई बसों में 50 प्रतिशत संख्या की बजाय यात्रियों से खचाखच भरी रहीं। शाम को साढ़े चार बजे चंडीगढ़ से हमीरपुर जा रही नॉन स्टॉप बस यात्रियों से पूरी तरह से भरी हुई थी।
अमर उजाला की टीम ने बस अड्डे पर बस का इंतजार कर यात्रियों से बात की तो पनोह की कमलेश कुमारी ने बताया कि वह बेटे के साथ बस का इंतजार कर रही हैं। निजी बस सेवा बंद होने से उन्हें घर जाने के लिए दिक्कत हो रही है। बस का इंतजार कर रहे बंगाणा के निखिल कुमार ने बताया कि वह दो घंटे से बस के इंतजार में हैं। शाम सवा चार बजे तक उन्हें बस नहीं मिली। नारी के रणवीर सिंह ने बताया कि निजी बस सेवा बंद होने से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में आने-जाने के लिए परेशानी हुई।
उन्होंने बताया कि दो घंटे से वह ऊना से अपने घर नारी जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे हैं। उनके साथ बैठे तलाई गांव के प्रिंस ने बताया कि वह ढाई घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें घर जाने के लिए अभी तक बस नहीं मिली। बस अड्डा प्रभारी ऊना अविनाश खुलर का कहना है कि निजी बस आपरेटरों की हड़ताल के यात्रियों के हिसाब से लोकल रूटों पर बसें चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जिले में करीब 20 अतिरिक्त लोकल रूटों पर बसें चलाई गईं।