बंगाणा (ऊना)। निजी बसों की हड़ताल के चलते जिले के अधिकतर बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक यातायात सुविधा बंद रही। दुकानदारों का कहना है कि महामारी के चलते उनके व्यवसाय को पहले ही ग्रहण लग चुका था, अब बस आपरेटरों की हड़ताल से बाजार में सन्नाटा छाया है।
दुकानों में खरीदारी करने के लिए ग्राहक ही नहीं पहुंच रहे हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों में निजी बसों के ही रूट हैं। यहां सबसे ज्यादा समस्या का सामना करना पड़ा। दुकानदार अजय शर्मा, सुदेश कुमार, विपिन चंद, विजय कुमार, हरवंश लाल, नरेश वशिष्ठ, संजय कुमार ने बताया कि सोमवार को बसें नहीं चलने के कारण बाजार में ग्राहक नहीं पहुंच पाए हैं।
ऐसे में कारोबार मंदा है। बंगाणा-चम्याड़ी, थानाकलां-भाखड़ा, बीहडू-तलाई, बंगाणा-तलमेहड़ा, बंगाणा-धनेटा, बंगाणा-नादौन रूट में सबसे अधिक दिक्कतें यात्रियों को पेश आई। हालांकि एचआरटीसी बसों ने कमान संभाली, लेकिन जिन रूटों पर एचआरटीसी बसें नहीं चलती हैं, वहां आवाजाही थमी रही। इक्का-दुक्का रूटों पर एचआरटीसी बसें दौड़ती दिखाई दीं। उपमंडल बंगाणा में एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने वाले यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में निजी बसें न चलने के परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कई लोग दफ्तर नहीं पहुंच सके। घंटों तक बसें न मिलने पर यात्री वापस घर लौट गए। यात्री रोशन लाल, विजय शर्मा, हरनेक हटवाल, सुरेश कुमार, पंकज शर्मा, बीना ने बताया कि निजी बसें न चलने के कारण उन्हें दिक्कतें पेश आईं। उन्होंने शासन और प्रशासन से आग्रह किया है कि हड़ताल को देखते हुए उचित प्रबंध किए जाएं।