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Una News: लंबे चले परीक्षा शेड्यूल पर अभिभावकों ने उठाए सवाल

Sun, 29 Mar 2026 12:36 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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ऊना। स्कूलों में इस बार मार्च महीना विद्यार्थियों के लिए पूरी तरह से परीक्षाओं के नाम रहा। पहले जहां परीक्षाओं के बाद बच्चों को कुछ दिनों की राहत मिलती थी, वहीं इस बार छोटी कक्षाओं के छात्रों को भी पूरे महीने परीक्षा के दबाव में रहना पड़ा।
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अब अप्रैल की शुरुआत से ही नए सत्र के लिए दाखिला प्रक्रिया फिर शुरू होने जा रही है जिससे बच्चों और अभिभावकों दोनों पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है।
अभिभावकों का कहना है कि छोटी कक्षाओं के बच्चों के लिए इतनी लंबी परीक्षा अवधि का कोई औचित्य नहीं है।
उनका मानना है कि इस उम्र में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक और शारीरिक आराम की भी जरूरत होती है लेकिन लगातार परीक्षाओं के कारण उन्हें यह अवसर नहीं मिल पा रहा। कुछ अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि कई स्कूलों में एक ही विषय की परीक्षा दो बार कराई गई, जिससे बच्चों में तनाव और बढ़ गया।
उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था न केवल अनावश्यक है बल्कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
शिक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि प्राथमिक कक्षाओं के छात्रों के लिए मूल्यांकन की प्रक्रिया सरल और कम दबाव वाली होनी चाहिए। उनका सुझाव है कि इन कक्षाओं में पारंपरिक परीक्षा प्रणाली के बजाय सतत और समग्र मूल्यांकन जैसे विकल्पों को अपनाया जाना चाहिए ताकि बच्चों की सीखने की प्रक्रिया प्रभावित न हो। अभिभावकों में रोशन लाल, अमृत पाल, रोहन शर्मा, राजेश कुमार, अमित कुमार, रंजना देवी, रेनू बाला ने प्रशासन और स्कूल प्रबंधन से मांग की है कि छोटी कक्षाओं को लंबे परीक्षा शेड्यूल से दूर रखा जाए और बच्चों को पढ़ाई के बीच पर्याप्त अवकाश दिया जाए।
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साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नए सत्र की शुरुआत से पहले कम से कम कुछ दिनों का ब्रेक सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि बच्चे नए उत्साह के साथ अपनी पढ़ाई शुरू कर सकें। फिलहाल अप्रैल से दाखिला प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही स्कूलों में फिर से गतिविधियां तेज होने वाली हैं।
उपनिदेशक जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग सोमलाल धीमान ने बताया कि छोटी कक्षाओं में परीक्षाओं की व्यवस्था स्कूल प्रबंधन तय करते हैं। अगर इसमें अभिभावकों या बच्चों की कोई असुविधा होती है तो इस पर मंथन किया जाएगा।
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