नंगल मुख्यमंत्री की रैली को लेकर चल रही तैयारियों की निगरानी करते शिक्षा मंत्री एडवोकेट हरजोत स
दौलतपुर चौक (ऊना)। दौलतपुर–करटोली रेललाइन परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और यात्री ट्रेनों के संचालन की दिशा में बड़ी प्रगति दर्ज की गई है। हाल ही में कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) की टीम द्वारा किए गए निरीक्षण और स्पीड परीक्षण में यह रेलखंड संतोषजनक पाया गया है जिससे जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
सीआरएस टीम ने 27 और 28 मार्च को दो दिवसीय निरीक्षण के दौरान रेलखंड के हर पहलू का परीक्षण किया। पहले दिन ट्रैक, पुलों और विशेष रूप से मेगा वायडक्ट की संरचनात्मक सुरक्षा को परखा गया जबकि दूसरे दिन पैसेंजर ट्रेन के माध्यम से दौलतपुर से करटोली और वापसी रूट पर स्पीड व संचालन क्षमता का आकलन किया गया।
इस दौरान पूरी टीम ट्रेन में मौजूद रहकर परीक्षण की निगरानी करती रही। निरीक्षण में सीआरएस दिनेश चंद देशवाल, सीएओ एसके मिश्रा और सीपीएम अजेय सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों ने सिग्नलिंग सिस्टम, ट्रैक की गुणवत्ता, पुलों और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं का भी गहन परीक्षण किया।
ध्यान रहे कि इस रेलखंड की मजबूती पहले ही उस समय साबित हो चुकी थी, जब दो इंजनों को लगभग 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ाकर सफल ट्रायल किया गया था। वहीं विद्युतीकरण का कार्य भी लगभग पूरा हो चुका है जिससे यह लाइन संचालन के लिए पूरी तरह तैयार मानी जा रही है। बता दें कि करीब 10.55 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर लगभग 677 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसमें 7.80 किमी मेगा वायडक्ट शामिल है।
संवाद
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