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Una News: पंचायतों को नगर निगम में शामिल करने का विरोध तेज, लघु सचिवालय में प्रदर्शन

Tue, 03 Dec 2024 05:57 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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पंचायत को नगर निगम में शामिल करने का विरोध करते भडोलियां खुर्द के ग्रामीण। -संवाद
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ऊना। नगर परिषद ऊना को नगर निगम बनाकर उसमें साथ लगती पंचायतों के मर्ज करने का विरोध तेज हो गया है। पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण सरकार के फैसले का लगातार विरोध कर रहे हैं। ऊना शहर के साथ लगती अजनोली, मलाहत, भडोलियां खुर्द और कुठार खुर्द पंचायतों के लोगों ने सोमवार को लघु सचिवालय पहुंचकर उन्हें नगर निगम में शामिल करने के खिलाफ प्रदर्शन किया।
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इस दौरान ग्रामीणों ने लघु सचिवालय के अंदर और बाहर फैसले के विरोध में जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने ऊना नगर परिषद के साथ 14 ग्राम पंचायतों को मर्ज कर नगर निगम बनाने का प्रस्ताव पेश किया है। सरकार ने ग्रामीणों से कोई राय नहीं ली। सरकार अपना फैसला जनता पर नहीं थोप सकती। सरकार उनकी पंचायतों को नगर निगम में मर्ज न करें। अगर सरकार ने उनके साथ जोर-जबरदस्ती की तो उन्हें उग्र प्रदर्शन करने के लिए विवश होना पड़ेगा।
इस दौरान ग्रामीणों ने सरकार होश में आओ जैसे नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज करवाया। विरोध प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों में चनन राम सहित अन्यों ने कहा कि नगर निगम में लोगों को अपने छोटे निर्माण कार्य के लिए भी नक्शे पास करवाने पड़ेगे। मौजूदा समय में लोग आसानी से अपने सभी काम करवा पा रहे हैं।
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इस मौके पर मलाहत पंचायत के प्रधान गुरचरण सिंह, उपप्रधान रविंद्र कुमार, मनीष कुमार, रवि जैलदार, राम सिंह, कुलविंद्र सिंह, जग बहादुर सिंह, अजय कुमार, सुनील कुमार, हेमराज, वार्ड सदस्य इंदु बाला, बलविंद्र कौर, चंचला देवी, अमन सैनी, गुलशन, शिव कुमार, वीना देवी, मोहन लाल, रेखा रानी, कृष्णा देवी, रानी देवी, पूजा देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

पंचायतों में 80 फीसदी लोग गरीबी रेखा से नीचे : सतपाल
अजनोली पंचायत के प्रधान सतपाल सिंह कहा कि ग्राम पंचायत में 80 फीसदी लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं। लोग पशुपालन और कृषि कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। नगर निगम में शामिल होने के बाद गरीब लोगों को भारी टैक्स चुकता करने पड़ेंगे। लोग कहां से इतने टैक्स भरेंगे। सरकार अपने फैसले पर विचार करे और पंचायतों को नगर निगम में शामिल न करे।

बोझ नहीं, आय बढ़ाने के फैसले ले सरकार : मंगल
अजनोली के उपप्रधान मंगल सिंह राणा ने कहा कि ग्राम पंचायत के समस्त लोग नगर निगम में शामिल नहीं होना चाहते। ग्रामीण हर स्तर पर नगर निगम का विरोध करेंगे। चाहे, इसके लिए उन्हें उग्र आंदोलन ही क्यों न करना पड़े। सरकार को रोजगार और लोगों की आय बढ़ाने के लिए फैसले लेने चाहिए। नगर निगम के फैसले से तो उनपर आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा।

कुठार खुर्द में 250 मनरेगा जॉब कार्ड हैं : चमन
कुठार खुर्द ग्राम पंचायत के प्रधान चमन लाल ने कहा कि गांव के 250 के करीब लोगों ने मनरेगा के कार्ड बनवा रखे हैं। अगर कुठार खुर्द को नगर निगम में शामिल किया जाएगा तो लोगों को मनरेगा जैसी योजना से वंचित होना पड़ेगा। नगर निगम में शामिल होने के बाद लोगों पर टैक्स का बोझ पड़ेगा। केंद्रीय योजनाओं से भी ग्रामीण वंचित हो जाएंगे।

अब तक सात पंचायतों ने किया विरोध
प्रदेश सरकार के ऊना नगर परिषद सहित 14 पंचायतों को मर्ज कर नगर निगम बनाने के प्रस्ताव पारित करने के बाद लोगों में विरोध के स्वर फूट पड़े है। अभी तक नगर निगम के विरोध में 14 में से सात पंचायतें विरोध दर्ज करवा चुकी हैं। उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि लोगों की बात सरकार के समक्ष रखी जा रही है। जिन पंचायतों से विरोध दर्ज करवाया गया, उनके मांगपत्र सरकार के ध्यान में लाए गए हैं। सरकार जो भी निर्णय लेगी, उसी के आधार पर अगली कार्यवाही होगी।

पंचायत को नगर निगम में शामिल करने का विरोध करते भडोलियां खुर्द के ग्रामीण। -संवाद

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