ऊना। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में इन दिनों वायरल से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना लोग सर्दी, जुकाम, बुखार, गले में खराश और खांसी जैसी समस्याओं को लेकर पहुंच रहे हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में वायरल संक्रमण के मामले अधिक देखने को मिल रहे हैं।
आयुर्वेदिक अस्पताल में रोजाना 50 से 60 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। बीते कुछ दिनों से मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। तापमान में अचानक बदलाव के चलते शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ रही है जिससे लोग वायरल संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लोगों को खानपान और दिनचर्या में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। चिकित्सकों के अनुसार लोगों को बाहर का तला-भुना भोजन खाने से बचना चाहिए तथा अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा सुबह-शाम ठंडी चीजों के सेवन से परहेज करने, पर्याप्त नींद लेने और साफ-सफाई का ध्यान रखने की भी सलाह दी गई है। आयुर्वेद विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा, गुनगुना पानी और पौष्टिक आहार लाभदायक साबित हो सकता है। अस्पताल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि लगातार बुखार, खांसी या अन्य वायरल लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें।
मौसम के बदलाव के चलते इन दिनाें वायरल के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। आयुर्वेदिक अस्पताल में रोजाना 50 से 60 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। लोगों से अपील है कि इस मौसम में खानपान का विशेष ध्यान रखें।
-डॉ अमन सोंखला, चिकित्सा प्रभारी, जिला आयुर्वेदिक अस्पताल ऊना