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चीड़ के पेड़ के 35 नग के साथ एक गिरफ्तार

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गगरेट(ऊना)। हिमाचल प्रदेश का हरा सोना कहे जाने वाले चीड़ के पेड़ों से लदी शिवालिक की पहाड़ियों के जंगल वन माफिया के निशाने पर हैं। वीरवार रात्रि गगरेट पुलिस ने चीड़ के पेड़ के 35 नग लेकर जा रही एक पिकअप जीप को पकड़ने में सफलता हासिल की है।
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गगरेट पुलिस ने वन संपदा की चोरी के साथ वन अधिनियम की धारा 41, 42 के तहत मामला दर्ज कर जीप चालक को गिरफ्तार कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार वीरवार को गगरेट पुलिस का एक दल रात्रि गश्त पर था। इस दौरान गगरेट-अंबोटा मार्ग पर एक पिकअप आई। इस जीप को शक के आधार पर रोक कर जब इसकी तलाशी ली तो इसमें 35 नग चीड़ के पेड़ की लकड़ी के पाए गए।
गौर हो कि जिला ऊना के जंगलों में चीड़ के पेड़ बहुतायात में पाए जाते हैं। जिनसे निकलने वाला बिरोजा काफी कीमती है। हालांकि हरे चीड़ के पेड़ को काटने पर प्रतिबंध है, क्योंकि चीड़ के पेड़ आबोहवा को भी शुद्ध रखते हैं तो क्षय रोग के रोगियों के लिए चीड़ के पेड़ की वायु अमृत समान मानी जाती है, लेकिन चीड़ के पेड़ एक बार फिर से माफिया के निशाने पर आ गए हैं। पिकअप जीप में लादकर ले जाए जा रही चीड़ के पेड़ की लकड़ी कहां से काटी गई, इसकी भी पुलिस जांच कर रही है।
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कोई समय था जब उपमंडल गगरेट में भी चीड़ के घने जंगल थे, लेकिन लगातार इन पर कुल्हाड़ी के चलते चीड़ के पेड़ भी अब कई स्थानों पर अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। चीड़ के पेड़ इनके उत्पादकों के लिए भी आय के साधन हैं, क्योंकि बिरोजा निकालने वाले ठेकेदार बिरोजा निकालने की एवज में इसके उत्पादकों को पैसा देते हैं। उधर, एसपी अर्जित सेन ठाकुर ने बताया कि पुलिस ने चीड़ के पेड़ के 35 नग बरामद कर मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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