ऊना। उपायुक्त जतिन लाल ने राजस्व अधिकारियों को जिले में राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्ती (करेक्शन) के सभी लंबित मामलों का निपटारा 15 दिसंबर तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का भी इस विषय पर विशेष फोकस है। उन्होंने अधिकारियों को इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाने को कहा।उपायुक्त ने निशानदेही (डिमार्केशन) और तकसीम (पार्टिशन) के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने तथा इंतकाल (म्यूटेशन) और जमाबंदी से जुड़े मामलों की पेंडेंसी कम करने के निर्देश भी दिए। वह वीरवार को उपायुक्त कार्यालय में राजस्व अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उपायुक्त ने जिला जनगणना पुस्तिका (डिस्ट्रिक्ट सेंसस हैंडबुक) तैयार करने के लिए डेटा संग्रह अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। यह अभियान 5 नवंबर से एक माह तक चलेगा। इसमें पटवारियों की भूमिका को देखते हुए 27 अक्तूबर को उनके लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त इशांत जसवाल, सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और जिले के अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे। जतिन लाल ने अधिकारियों को लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित समयसीमा में उनका निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने विभिन्न विभागों की विकास परियोजनाओं और निर्माण कार्यों के लिए भूमि हस्तांतरण की स्थिति की उपमंडलवार समीक्षा की। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बैठकें करने के निर्देश दिए, ताकि भूमि हस्तांतरण में देरी से विकास कार्य प्रभावित न हों। पंचायतों की ओर से भूमि हस्तांतरण के लिए भेजे गए मामलों में खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) की अनुशंसाओं को शामिल करने को भी कहा।
उपायुक्त ने स्वामित्व योजना के तहत जिले के उन सभी महालों के मानचित्र अपलोड करने का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, जहां यह काम लंबित है। जिले के 175 पटवार सर्कलों में कार्यरत पटवारियों को योजना के आगामी चरणों के लिए आवश्यक प्रशिक्षण देने तथा उनकी शंकाओं और तकनीकी समस्याओं का समाधान करने को कहा। चूना मार्किंग और ड्रोन मैपिंग का कार्य पूरा होने के बाद अगली प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने खराब स्थिति वाले पटवार भवनों के संबंध में प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए।