बिना एफआरएस और मोबाइल नंबर पंजीकरण के पोषाहार नहीं मिलेगा
1364 आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार वितरण की व्यवस्था हुई ऑनलाइन
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देशानुसार जिला ऊना में पोषण ट्रैकर एप के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार वितरण की नई व्यवस्था लागू कर दी गई। अब बिना फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) और मोबाइल नंबर पंजीकरण के पोषाहार नहीं मिलेगा।
जानकारी के अनुसार जिले के 1364 आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार वितरण अब पूरी तरह ऑनलाइन पोषण ट्रैकर एप के माध्यम से होगा। फेस आईडी सत्यापन के बिना किसी भी लाभार्थी को पोषाहार नहीं मिलेगा। छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को राशन प्राप्त करने के लिए फेशियल रिकग्निशन सिस्टम अनिवार्य रहेगा। सभी लाभार्थियों को ई-केवाईसी और मोबाइल नंबर को आधार से लिंक कराना अनिवार्य होगा। जिला ऊना के आंगनबाड़ी केंद्रों में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से दी गई इस नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और पोषाहार सही लाभार्थियों तक पहुंचेगा।
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90 प्रतिशत हुआ एफआरएस : नरिंदर कुमार
जिला कार्यक्रम अधिकारी नरिंदर कुमार ने बाल विकास परियोजना हरोली के वृत्त पंजावर के पर्यवेक्षक एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने के बाद इस नई व्यवस्था के बारे भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पर्यवेक्षक एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को यह सम्मान मार्च 2025 माह में फेशियल रिकग्निशन सिस्टम शत-प्रतिशत पूरा करने पर दिया गया। नरेंद्र कुमार ने बताया कि मार्च में जिले की परियोजना अंब में वृत्त भैरा, परियोजना धुंदला में वृत्त जसाना, परियोजना गगरेट में वृत्त अम्बोटा, परियोजना हरोली में वृत्त पंजावर एवं परियोजना ऊना में वृत्त फतेहपुर में सर्वाधिक फेशियल रिकग्निशन सिस्टम दर्ज किए। उन्होंने कहा कि जिला ऊना का फेशियल रिकग्निशन सिस्टम की प्रतिशतता 13 से बढ़कर 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है।