ऊना। सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी को लेकर लंबे समय से पेश आ रही परेशानी जल्द दूर होगी। स्कूलों में अब बायोमेट्रिक नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित चैटबाट की मदद से अध्यापकों और अन्य स्टाफ की हाजिरी लगेगी। हाजिरी से जुड़ी सारी व्यवस्था स्कूल प्रबंधक बनाकर रखेंगे। मात्र फोन का इस्तेमाल कर हाजिरी का सारा रिकार्ड तैयार किया जा सकेगा। अगर व्यवस्था रंग लाई तो विद्यार्थियों की उपस्थिति भी इसी चैटबॉट पर दर्ज होगी।
जानकारी के अनुसार सरकारी स्कूलों में खराब हालत में पड़ी बायोमीट्रिक मशीनों के कारण ऑनलाइन हाजिरी लगाना मुश्किल हो गया है। इससे निपटने के लिए अब प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के प्रबंधकों को एआई आधारित चैटबॉट के संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह सॉफ्टवेयर हाजिरी सहित विभिन्न प्रकार के डाटा को बनाने और संरक्षित रखने में मदद करेगा।
जिला ऊना के स्कूल प्रबंधकों का प्रशिक्षण डाइट देहलां की ओर से किया जाएगा। इसके लिए 25 और 26 जुलाई का दिन तय किया गया है। इसमें 25 जुलाई को जिला के सात शिक्षा खंडों के वरिष्ठ माध्यमिक और उच्च स्कूलों के प्रबंधक प्रशिक्षण लेंगे। 26 जुलाई को माध्यमिक एवं उच्च स्कूलों के प्रबंधकों को चैटबॉट के संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
स्कूल खुलते ही नई व्यवस्था होगी लागू
एआई आधारित चैटबाट पर हाजिरी लगने की व्यवस्था छुट्टियों के बाद स्कूल खुलते ही यानि 30 जुलाई से लागू हो जाएगी। इस सॉफ्टवेयर का संचालन मोबाइल पर ही किया जा सकता है। स्कूल प्रबंधक मोबाइल पर चैटबॉट खोलकर उपस्थित अध्यापकों और स्टाफ की हाजिरी भरेंगे। शुरुआत में इससे जुड़ी सारी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधकों की रहेगी। हालांकि जिन स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनें सही हालत में हैं, वहां उनपर भी हाजिरी जारी रहेगी, जिसे बाद में बंद किया जा सकता है।
जिला के सभी स्कूल प्रबंधक 25 और 26 जुलाई को एआई आधारित चैटबॉट से जुड़ा प्रशिक्षण में हिस्सा लें। यह प्रशिक्षण घर बैठे मोबाइल फोन के जरिए जुड़कर हासिल कर सकते हैं। इसमें किसी प्रकार की चूक न हो, क्योंकि स्कूल खुलते ही इसपर कार्य होगा। अगर प्रशिक्षण सही तरीके से हासिल कर हर दुविधा का हल समय पर हो जाए, तो बाद में परेशानी नहीं होगी।
-राकेश अरोड़ा, प्रधानाचार्य, डाइट देहलां