किसानों को दिल्ली एनसीआर में आलू भेजने के लिए पेश आ रहीं दिक्कतें
आने वाले दिनों में खाद्यान्न समेत अन्य थोक वस्तुओं की खलेगी कमी : सोमेश
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। दिल्ली में प्रदूषण के चलते केवल बीएस-6 वाहनों को ही दिल्ली एनसीआर में जाने की अनुमति है। बुधवार को भी ट्रक यूनियन ऊना से दिल्ली के लिए कोई भी ट्रक नहीं भेजा गया। ऐसे में दिल्ली से ट्रकों के माध्यम से आने वाले सामग्री को लाने व भेजने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली व्यावसायिक दृष्टि से हब है। हर तरह के सामान की खरीद फरोख्त दिल्ली से ही होती है। ऐसे में वाहनों के प्रतिबंधित होने से तमाम तरह के सामान का स्टॉक खत्म हो जाएगा। आने वाले दिनों में खाद्यान्न समेत अन्य थोक और रोजमर्रा की वस्तुओं की कमी खलने शुरू हो जाएगी। जिले में इन दिनों आलू की फसल को निकालने का काम चल रहा है। ऐेसेे में किसानों को दिल्ली एनसीआर में आलू भेजने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ट्रक यूनियन ऊना के तहत 140 ट्रक पंजीकृत हैं। इन ट्रकों में केवल दस ट्रक ही बीएस-6 श्रेणी के हैैं। इस पर ट्रक यूनियन ऊना के प्रधान सुरजीत सिंह ने बताया कि दिल्ली एनसीआर जाने के लिए केवल बीएस-6 वाहनों को ही मंजूरी मिली है। अन्य सभी वाहनों दिल्ली एनसीआर में प्रवेश के लिए प्रतिबंधित हैं। वहीं, जिले के किसानों में पंडोगा निवासी अशोक सैणी व देशराज ने बताया कि दिल्ली के लिए आलू की फसल भेजने में परेशानी हो रही है। बीएस-6 ट्रक काफी कम हैं। ऐसे में उत्पादन को दिल्ली एनसीआर पहुंचाने के लिए बीएस-6 वाहनों की तलाश में भागदौड़ करनी पड़ रही है।
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हिमाचल व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष सोमेश शर्मा का कहना है कि दिल्ली में बीएस-6 वाहनों के अलावा अन्य वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध होने से आने वाले दिनों में खाद्यान्न समेत अन्य थोक और रोजमर्रा की वस्तुओं की कमी खलने शुरू हो जाएगी। तमाम तरह के सामान का स्टॉक खत्म हो जाएगा। सप्लाई न तो प्रदेश से दिल्ली के लिए हो रही है और न ही दिल्ली से सामान प्रदेश के लिए सामान आ रहा है।