मूल्यांकन का बहिष्कार करते कालेज प्राध्यापक।
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राजकीय महाविद्यालय ऊना प्राध्यापक एसोसिएशन का पेपर मूल्यांकन बहिष्कार वीरवार को भी जारी रहा। प्राध्यापकों ने इकाई अध्यक्ष त्रिलोक चंद के नेतृत्व में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं किया। इस अवसर पर प्रो. सुरेंद्र अत्री, प्रो. सतपाल, प्रो. पीएस ठाकुर, प्रो. संजय वर्मा, प्रो. प्रतिमा नड्डा, प्रो. शशि कंवर, प्रो. सोनिका आदि उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रो. त्रिलोक चंद ने कहा कि कॉलेजों में प्राध्यापकों की अनुबंध के आधार पर नियुक्तियों की अधिसूचना जारी की जाए, जबकि राज्य में अन्य सभी अनुबंध कर्मचारियों की तैनाती की अधिसूचना जारी हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि शैक्षणिक प्रफोरमेंस इंडीकेटर (एपीआई) में या तो संशोधन किया जाए या फिर प्राध्यापकों के हितों को देखते हुए इस हटा दिया जाए। इससे प्रदेश के प्राध्यापकों को नुकसान हो रहा है। इसके अलावा एमफिल और पीएचडी डिग्री प्राप्त की अतिरिक्त वेतन वृद्धियों को बहाल किया जाए। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के प्रावधानों के अनुसार राज्य के महाविद्यालयों में प्रोफेसर के पद सृजित करने, सभी प्राध्यापकों के लंबित सीनियर सेलेक्शन स्केल और पे बैंड-4 के लिए विभागीय पदोन्नति कमेटी की मीटिंग कर शीघ्र प्राध्यापकों को लाभ देने की मांग की गई। उन्होंने कहा कि सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया है। यदि इसके बावजूद संघ की मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।