नारी (ऊना)। कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के तहत पड़ते धमांदरी और बसाल में कई औद्योगिक क्षेत्र बंद हो गए हैं। बची औद्योगिक इकाइयां वर्तमान में गोदाम और मकान में तब्दील हो रही हैं। जिससे क्षेत्र के लोगों को रोजगार देनी वाली औद्योगिक इकाइयां अपने मकसद से कोसों दूर हो चुकी हैं।
छोटी से लेकर बड़ी औद्योगिक इकाइयां यहां से एक-एक कर पलायन कर रही हैं। बात करें तो बसाल और धमांदरी के चार किलोमीटर दायरे में छोटी बड़ी 21 फैक्ट्रियां हैं। ये यूनिट लगभग 10 वर्ष पहले स्थापित हुए हैं। यहां जमीन सरकारी है और उद्योग मालिकों को सरकार एवं उद्योग विभाग ने लीज पर दी हुई है। रोजगार स्थापित करने के लिए सभी ने किसी ना किसी बैंक से यूनिट फाइनेंस करा रखे हैं। अब आलम यह है कि धमांदरी में चार बड़ी फैक्ट्रियों में से दो चल रही हैं और दो बंद। बसाल क्षेत्र में कुल 17 इकाइयों में एक बड़ी और बाकी छोटे स्तर के यूनिट हैं। यहां से एक बड़ी एवं नामी कंपनी एक वर्ष पूर्व बंद हो गई। यानि कुल 21 इकाइयों में से नौ इकाइयां बंद हो गई हैं। किसी फैक्ट्री को एक वर्ष तो कोई इससे भी पहले की बंद हैं। बाकी बची 12 इकाइयों में से पांच में रिहायशी मकान या गोदाम चल रहा है।
रोजगार के साधन रहे नामात्र
इन उद्योगों में स्थानीय लोगों को रोजगार के साधन वैसे तो 25 प्रतिशत तक पूरा करना था। लेकिन स्थानीय लोगों की मानें तो स्थापित अधिकांश उद्योग 20 प्रतिशत तक मुश्किल से ही यहां के लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहे थे। शेष प्रवासी लोग ही इन उद्योगों में कार्यरत रहे। जिस संबंध में लोगों ने कई बार संबंधित विभागीय अधिकारियों को भी बताया। लेकिन रोजगार के लिए कोई समाधान नहीं मिला।
अगर यहां यूनिट बंद हैं और उन्हें किसी अन्य काम में उपयोग में लाया जा रहा है। इस संबंध में संज्ञान लिया जाएगा। इसकी जांच की जाएगी।
-अंशुल धीमान, संयुक्त निदेशक, उद्योग विभाग, ऊना