भरवाईं में डेढ़ महीने पहले लाखों रुपये खर्च कर मंदिर न्यास की ओर से लगाया गया राष्ट्रीय ध्वज दूसरी बार फट गया है। इससे झंडे की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। लेकिन यह सब जानते हुए भी जिला प्रशासन झंडे के फटने को लेकर कोई जिम्मेदारी नहीं ले रहा है।
उधर, मंदिर अधिकारी सरोज कुमारी ने बताया कि फटे हुए झंडे को उतार लिया गया है। मार्च में मंदिर न्यास की ओर से भरवाईं में 110 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज लगाया गया था और इसके पास सजावट और इसे आकर्षक बनाने के लिए लाइटें भी लगाई गई थीं, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने चिंतपूर्णी दौरे के दौरान किया था। इस झंडे पर मंदिर न्यास की ओर से चौदह लाख रुपये की धनराशि खर्च की गई थी। भरवाईं में लगा झंडा यहां स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना रहा है। लेकिन, कुछ दिन पहले भी यह झंडा तेज हवाओं के चलते फट गया।
इस पर मंदिर अधिकारी ने झंडा उतरवा दिया था और कंपनी की तरफ से जो अतिरिक्त झंडा दिया गया था, उसे लगाया गया। लेकिन, अब कुछ दिन बाद लगाया गया ये दूसरा झंडा बुधवार को फट गया, जिसे भी अब उतार लिया गया है। वहीं, दो दिन पहले झंडे के साथ सजावट के लिए लगी लाइटें भी खराब हो गई थीं। दूसरी बार झंडा फटने के कारण झंडा बनाने वाली फ्लैग कंपनी की गुणवत्ता पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। बार-बार राष्ट्रीय ध्वज फटने से जहां झंडे का अपमान हो रहा है, वहीं मंदिर प्रशासन भी इसको लेकर लापरवाह नजर आ रहा है। मंदिर अधिकारी सरोज कुमारी ने बताया कि इसे लेकर कंपनी को बता दिया गया है। शीघ्र नया झंडा बनवाने के लिए कह दिया जाएगा। उधर, जिला कार्यकारी उपायुक्त एवं एडीएम राजेश मारिया ने कहा कि ये सभी झंडे हिंदुस्तान में एक ही जगह बनते हैं। ये हाई मास्क फ्लैग होते हैं हवा चलने के कारण ये फट सकते हैं। इन पर फ्लैग कोड लागू नहीं होता है। नए झंडे पर खर्चे के बारे में मंदिर अधिकारी को मालूम होगा कि इनका कंपनी के साथ क्या एग्रीमेंट हुआ है।