ऊना। कोरोना के प्रकोप से परेशान जनता को बढ़ती महंगाई और ज्यादा सता रही है। ऊना में सरसों का तेल प्रति लीटर 200 रुपये से पार जा चुका है। जिलेभर में अलग-अलग जगहों में 200 रुपये अधिक में ही सरसों का तेल बिक रहा है।
अधिकतर जगह 210, 215 और 220 रुपये प्रति लीटर सरसों का तेल बिक रहा है। अंब क्षेत्र में 190 रुपये में सरसों तेल प्रति लीटर बेचा जा रहा है। एक माह में 70 से 80 रुपये तक सरसों तेल के दाम में बढ़ोतरी हुई। इसी तरह उचित मूल्य की डिपो में भी सरसों तेल की कीमत बढ़ गई है। सरसों तेल के बढ़ते दामों ने रसोई का जायका बिगाड़ दिया है। तेल खरीदने के लिए गृहणियों को बजट में एडजस्टमेंट करनी पड़ रही है। इसी तरह दालों और आटा आदि के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इससे रसोई चलाना मुश्किल हो गया है।
कोरोना के चलते लोगों के कारोबार ठप हैं। बढ़ती महंगाई ने आग में घी डालने का काम किया है। दूसरी तरफ पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी से भविष्य में भी महंगाई और अधिक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। महंगाई ने आम आदमी की टेंशन बढ़ा दी है। अधिकतर खाद्य सामग्री के रेट बढ़ गए हैं।
महंगाई की इस मार से गरीब और मध्य वर्गीय परिवारों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। गृहणी पूनम राणा, नैना, ममता, सुनैना, राधा, सुनीता, प्रेरणा, तनु, मीनाक्षी, सोनिया, अमनप्रीत, किरण ने बताया कि सरसों तेल के दाम बढ़ने से किचन का पूरा बजट बिगड़ गया है। बढ़ती महंगाई पर समय रहते लगाम लगनी चाहिए।
यह बढ़े हुए दाम (प्रति किलो और लीटर)
पहले अब
सरसों तेल 135 210
रिफाइंड तेल 120 150
काले चने 60 70
मसूर 65 80