6 और 7 जुलाई को सामान्य से 438% अधिक बारिश दर्ज
जिले में बरसात में 29 मौतें, 59 घायल
26935 पोल्ट्री वर्ड के अलावा नौ जानवरों की मौत
110 पक्के और कच्चे मकान पूरी तरह से हुए क्षतिग्रस्त
959 कच्चे पक्के मकान आंशिक हुए प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। इस बार का मानसून ऊना जिले को गहरे जख्म दे गया। जहां कई रिकॉर्ड टूट गए, वहीं भारी तबाही ने जिला प्रशासन और आम जनता दोनों को हिला कर रख दिया। आंकड़ों के मुताबिक मानसून सत्र 2025 ऊना जिला के लिए असामान्य और विनाशकारी साबित हुआ है।
जिले में इस दौरान 29 लोगों की मौत और 59 लोग घायल हुए। इसके अलावा 26,935 पोल्ट्री बर्ड और 9 पालतू पशुओं की मौत दर्ज की गई। 110 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए, जबकि 959 मकान आंशिक रूप से प्रभावित हुए। इसी तरह 534 गोशालाएं ढह गईं, जिससे पशुपालकों को करीब 1.25 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा।
इस मानसून में कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी टूटे
6 और 7 जुलाई को सामान्य से 438% अधिक बारिश हुई, जिसके चलते बाढ़ और जलभराव की स्थिति बन गई। 3 अगस्त को 222.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो पिछले 38 साल का रिकॉर्ड तोड़ गई। बारिश ने ऊना शहर के आधारभूत ढांचे की पोल खोल दी। जगह-जगह पानी भर गया क्योंकि निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी। नियमों की अनदेखी कर बेतरतीब ढंग से बने मकान और अवैज्ञानिक निर्माण कार्य भारी तबाही के मुख्य कारण माने गए। हालांकि इस आपदा ने प्रशासन और विभागों को सबक जरूर दिया है। अब देखना यह होगा कि आगामी मानसून से पहले क्या नई योजनाएं और ठोस कदम उठाए जाते हैं, ताकि ऐसी स्थिति से लोगों को राहत मिल सके।
कोट्स
इस बार के मानसून सत्र में जिले को भारी तबाही का सामना करना पड़ा। प्रभावित क्षेत्रों में आगामी समय में सर्वेक्षण करवाया जाएगा, ताकि समय रहते बचाव और राहत कार्यों के लिए रूपरेखा तैयार की जा सके। आम जनता से भी आग्रह है कि जिले में आधारभूत ढांचा नियमों के अनुसार ही खड़ा किया जाए। -उपायुक्त ऊना जतिन लाल