पीलिया पर अधिकारियों के साथ बैठक करते डीसी।
- फोटो : अमर उजाला
उपायुक्त यूनुस ने पीलिया रोग और प्रदूषित पानी से पैदा होने वाली बीमारियों को जिले में न पनपने देने की बाबत अब तक उठाए गए कदमों की समीक्षा की। वीरवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में डीसी ने अधिकारियों को गर्मियों तथा आने वाले बरसातों के मौसम के दौरान विशेष रूप से चौकस रहकर एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों से प्रगति रिपोर्ट भी ली।
उन्होंने कहा कि हर माह वह इसकी समीक्षा कर फीडबैक लेंगे। उन्होंने पीलिया और जलजनित बीमारियों के बारे में जनता को जागरूक करने के निर्देश भी दिए। डीसी ने सभी एसडीएम को भी एक बार फिर अपने उपमंडल के तहत आने वाले स्कूलों तथा अन्य संस्थानों का औचक निरीक्षण कर लिखित रूप से उन्हें इस बाबत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए कि वहां पानी की टंकियों और शौचालयों में साफ सफाई की स्थिति कैसी पाई गई।
डीसी ने बेहतर साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा को पीलिया तथा जलजनित रोगों से बचाव का प्रभावी तरीका बताते हुए कहा कि जनता को शुद्ध और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए सभी जल स्रोतों की समुचित साफ-सफाई के अलावा अपने परिवेश को स्वच्छ रखने के लिए सभी अपना पूर्ण सहयोग दें। उन्होंने सभी सरकारी विभागों के अधिकारियों को अपने-अपने कार्यालयों की पानी की टंकियों को नियमित तौर पर साफ करवाने और कार्यालयों में साफ सफाई व्यवस्था चाक चौबंद रखने के निर्देश भी दिए। सीएमओ ने बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल में रखी सभी पानी की टंकियों की साफ सफाई करवाने के अलावा अस्पताल परिसर में स्वच्छता सुनिश्चित की गई है। डीसी ने बैठक के माध्यम से जिलावासियों से भी आह्वान किया है कि वे बावड़ी और ठहरे हुए पानी, गले-सड़े या कटे फल और सब्जियों का सेवन न करें। पानी के स्रोतों को दूषित न करें और खुले में शौच न करें। बैठक में सभी एसडीएम, एएसपी, सीएमओ सहित सभी विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।