ऊना के स्वां नदी में कोहरे से बचाव के लिए लगाए गए सरकड़े।संवाद
ऊना। सर्दियों में फलदार पौधों को कोहरे से बचाने के लिए बागवानी विभाग ने बागवानों को विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी। उप निदेशक केके भारद्वाज आम एवं पपीता इत्यादि पौधों पर कोहरे का प्रभाव अधिक पाया गया है। इनके पौधों को आम और पपीता कोहरा प्रभावित क्षेत्रों में न लगाएं। छोटी आयु 4-5 वर्ष तक के पौधों को घास या सरकंडे से ढंक दें और दक्षिण पश्चिम दिशा में धूप एवं हवा के लिए खुला रखें। कोहरा पड़ने की संभावना होने पर पौधों पर पानी का छिड़काव करें। हो सके तो बगीचे को सिंचित करें। उन्होंने कहा कि कोहरे का सब्जियों पर भी इसका असर पड़ता है, जिससे कभी-कभी शत प्रतिशत सब्जी की फसल नष्ट हो जाती है। उन्होंने बागवानों को कोहरे से बचाव के लिए उपाय अपनाने को कहा।
उप निदेशक ने बताया कि सर्दी के मौसम में निचले क्षेत्रों में कोहरा पड़ना आम बात है, लेकिन कोहरे की वजह से पौधों पर पड़ने वाले प्रभाव को रोकना आवश्यक होता है। सर्दी के मौसम में कोहरे के चलते हवा में मौजूद नमी बर्फ के कण में बदल जाती है। कम तापमान की वजह से पौधों की कोशिकाएं फट जाती हैं। कोहरे के प्रभाव से फल खराब हो जाता है और फूल झड़ने लगते हैं। कई बार आने वाले वर्षों में भी फलदार पौधे कम पैदावार देते हैं। अनुमोदित मात्रा में पौधों में पोटाश खाद दें जिससे उसकी कोहरा सहने की क्षमता बढ़ती है। सर्दियों से पहले या सर्दियों के दिनों में पौधों में नाइट्रोजन खाद न डालें। फल पौधों की नर्सरियों को कोहरे से बचाने के लिए घास या छायादार जाली से ढंके।