ऊना। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में कैंसर संबंधित उपचार की सुविधा शुरू करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस मामले पर प्रबंधन ने उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेज दिया गया है।
इसके साथ ही कैंसर के मरीजों का उपचार के लिए एक चिकित्सक व अन्य स्टॉफ को भी प्रशिक्षण देने की मांग उठाई, ताकि अस्पताल में करीब तीन साल पहले शुरू किए यूनिट को दोबारा शुरू किया जा सके। क्षेत्रीय अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने को लेकर अस्पताल प्रबंधन द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। इस कड़ी में अस्पताल में बंद पड़े कैंसर यूनिट को शुरू करने के लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। बता दें कि बीते तीन साल से क्षेत्रीय अस्पताल में कैंसर यूनिट शुरू किया गया था। कैंसर के मरीजों को उपचार देने के लिए अस्पताल में तैनात एक चिकित्सक को उस समय एशियन कैंसर केयर अस्पताल मुंबई में प्रशिक्षण दिलाया गया। इसके बाद क्षेत्रीय अस्पताल में कैंसर के मरीजों का उपचार शुरू हुआ, मगर कुछ माह बाद उनका तबादला हो गया। इसके बाद किसी दूसरे चिकित्सक को प्रशिक्षण नहीं मिला। वर्तमान में कैंसर के मरीजों को प्रारंभिक उपचार के लिए बड़े स्वास्थ्य संस्थानों का रुख करना पड़ रहा है।
खास बात यह है कि क्षेत्रीय अस्पताल में कैंसर केयर यूनिट में कीमो थैरेपी की सुविधा भी मरीजों को मिलती थी। ऐसे में कैंसर मरीजों को 110 किलोमीटर दूर पीजीआई चंडीगढ़ मेंं जाकर उपचार करवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
कोट्स
क्षेत्रीय अस्पताल में वर्तमान में कैंसर से उपचार की सुविधा दोबारा शुरू करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है।
- डॉ. संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक क्षेत्रीय अस्पताल, ऊना