बंगाणा उपमंडल की टकोली पंचायत के बेहलां गांव में रिहायशी इलाके के पास चल रहे पोल्ट्री फार्म को लेकर विवाद गहरा गया है। फार्म से अकसर उठती दुर्गंध और बड़ी संख्या में फैल रही मक्खियों से परेशान ग्रामीणों ने अब एसडीएम बंगाणा से शिकायत कर इसे बंद कराने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि बीते करीब दो माह फार्म बंद रहने से राहत मिली थी लेकिन अब दोबारा वहां मुर्गी पालन शुरु कर दिया गया। दिनभर बदबू के कारण घरों में रहना मुश्किल हो गया है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को दूषित वातावरण में सांस लेने के लिए मजबूर हैं।
मामला तब और गंभीर हो गया, जब पंचायत, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पशुपालन विभाग ने फार्म संचालन के लिए अपनी ओर से एनओसी जारी करने से इन्कार कर दिया। पंचायत प्रधान सुशांत मिन्हास ने कहा कि वर्तमान पंचायत की ओर से संचालक को कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दिया गया है। संचालक ने शनिवार सुबह तक विभिन्न विभागों की एनओसी दिखाने की बात कही थी लेकिन शाम चार बजे तक कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक पर्यावरण अभियंता प्रवीण धीमान ने भी स्पष्ट किया कि बोर्ड की ओर से कोई एनओसी जारी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि पांच हजार से कम मुर्गियों वाले मामलों में पशुपालन विभाग और पंचायत अपने स्तर पर निर्णय ले सकते हैं।
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह पटियाल ने बताया कि विभाग की टीम कई बार मौके का निरीक्षण कर चुकी है और इसकी रिपोर्ट एसडीएम बंगाणा को भेजी गई है। विभाग की ओर से भी पोल्ट्री फार्म संचालन के लिए कोई एनओसी जारी नहीं की गई है।
एसडीएम से लगाई फार्म बंद कराने की गुहार
ग्रामीणों शक्ति राणा, मलकीत सिंह, सुमन कुमारी, जसबीर सिंह, मोहिंद्र सिंह, नैना, शुभम, विकास, कमल और प्रियंका ने शनिवार को एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल को लिखित शिकायत सौंपी। उन्होंने कहा कि रिहायशी क्षेत्र से करीब 45 मीटर दूर पोल्ट्री फार्म से निकलने वाली दुर्गंध और मक्खियों ने परेशानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में बुजुर्ग सांस संबंधी बीमारियों से भी जूझ रहे हैं, ऐसे में फार्म को बंद करवाया जाए।
एसडीएम सोनू गोयल ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले में संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।