एचआरटीसी की ऊना बस स्टैंड़ में खडी पुरानी बस।संवाद
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ऊना। हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में लोगों की जिंदगी को दाव पर लगाकर सफर करवाया जा रहा है। ऊना डिपो की करीब 35 खटारा बसें रोजाना सवारियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जा रही हैं। ऐसे में यह बसें कब कहां किस हादसे का शिकार हो जाएं या बंद हो जाए इस बात का कोई भरोसा नहीं। इसके बावजूद इन बसों के आए दिन खराब होने के बाद भी इन्हें ठोक पीटकर दोबारा रूटों पर चलाया जा रहा है।
निगम की बसों में लोहे की चादरें भी पुरानी होने के कारण उखड़ना शुरू हो गई हैं। इसके अलावा अधिकतर बसों के शीशे भी टूटे हुए हैं जिन पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हिमाचल पथ परिवहन ऊना डिपो की 35 के करीब बसें जीरो वैल्यू हो चुकी हैं। इसके बावजूद इन बसों को जिले के विभिन्न रूटों पर चलाया जा रहा है। पुराने बसें होने के कारण आए दिन इन बसों में कोई खराब आ जाती है, लेकिन नए बसें लेने के बजाय पुरानी बसों को ही मरम्मत कर चलाया जा रहा है। इससे यह बसें कभी भी तकनीकी दिक्कत के चलते किसी हादसे का शिकार हो सकती हैं।
प्रदेश में आए दिन एचआरटीसी की खस्ता हालत के मामले सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद परिवहन निगम बसों की दशा सुधारने में गंभीर नजर नहीं आ रहा है। हिमाचल पथ परिवहन निगम ऊना डिपो की हालत आए दिन खस्ताहाल होती जा रही है।
डिपो के पास कुल 105 बसें हैं। इन बसों में से 35 के करीब बसें जीरो वैल्यू हो चुकी हैं। हालत यह है कि यह बसें आठ लाख किलोमीटर से दस लाख किलोमीटर तक चल चुकी हैं। अब नियमों के अनुसार इन बसों की वैल्यू भी समाप्त हो चुकी है। दूसरी तरफ निगम की अधिकतर बसों के शीशे टूटे हुए हैं। इन बसों के शीशे बदलने के लिए भी निगम कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इसके अलावा कुछ बसों के बाहर की चादरें भी खराब हो चुकी हैं। इन सब पर न तो सरकार कोई ध्यान दे रही और न ही परिवहन निगम के अधिकारी। इस संबंध में एचआरटीसी ऊना डिपो के कार्यवाहक आरएम दर्शन सिंह ने बताया कि बसों के खराब होने पर उन्हें ठीक किया जाता है। जीरो वैल्यू बसों को लेकर उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया है। उच्च अधिकारियों के निर्देशों के बाद ही आगामी कार्रवाई होगी।
बसों की समय पर मरम्मत जरूरी : पंकज
एचआरटीसी की बस में सफर कर रहे पंकज ने कहा कि निगम की बसों की मरम्मत समय पर नहीं होती है। इस कारण से आए दिन यह बसें चलती चलती बंद हो जाती हैं। सरकार व निगम को बसों की समय पर मरम्मत के लिए अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देश देने चाहिए।
पुरानी बसों को न चलाए निगम : सुखविंद्र सिंह
यात्री सुखविंद्र सिंह का कहना है कि निगम की बसें काफी पुरानी हो चुकी हैं। इस कारण से इन बसों से खराब होने के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। निगम को पुरानी बसें हटाकर नई बसें चलानी चाहिए।