राष्ट्रीय किसान संगठन ने मुख्यमंत्री को भेजा मांग पत्र, कहा-सिंचाई के अभाव में बंजर हो रही जमीन
संवाद न्यूज एजेंसी
थानाकलां(ऊना)। कुटलैहड़ क्षेत्र के किसानों ने गोविंद सागर झील से क्षेत्र के लिए बड़ी उठाऊ जल सिंचाई परियोजना बनाने की मांग प्रदेश सरकार से उठाई है। इस विषय पर राष्ट्रीय किसान संगठन ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को एक मांग पत्र भेजा है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि यह क्षेत्र सिंचाई सुविधा से वंचित है।
लोगों ने मांग की है कि भाखड़ा डैम बनने के बाद ऊना जिला विशेषकर कुटलैहड़ क्षेत्र की उपजाऊ भूमि प्रभावित हुई। इसके बदले में किसानों को कोई स्थायी सिंचाई सुविधा प्राप्त नहीं हो सकी है। गोविंद सागर झील के पास होते हुए भी इस क्षेत्र के ऊपरी गांवों जो कि सूखे और जंगली क्षेत्र हैं में न तो कोई सिंचाई परियोजना शुरू की गई और न ही कोई दीर्घकालीन समाधान निकाला गया।
किसानों का कहना है कि यदि गोविंद सागर झील से पानी उठाकर एक समुचित सिंचाई योजना तैयार की जाए तो हजारों बीघा भूमि सिंचित हो सकती है। इससे खेती और बागवानी को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के किसान आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगे। किसानों सुशील कुमार, विनोद कुमार, रमन कुमार, बलवंत सिंह, जय राम, सुरिंद्र कुमार सहित किसान नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि यह मुद्दा वर्षों से उठाया जाता रहा है, लेकिन आज तक कोई ठोस पहल नहीं हो पाई। भाजपा के स्थानीय नेता और जनप्रतिनिधि भी इस विषय को पहले विधानसभा में और विभिन्न मंचों पर उठाते रहे हैं।
चुनाव के दौरान इस विषय को भाजपा की ओर से प्रमुखता से उठाया गया था और लोगों को आश्वासन भी दिए गए थे, लेकिन आज दिन तक न कोई सर्वे हुआ और न कोई योजना धरातल पर उतर सकी। राष्ट्रीय किसान संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री देशराज मोदगिल ने कहा कि भाखड़ा डैम की सबसे बड़ी कीमत कुटलैहड़ के किसानों ने चुकाई है। जमीनें गईं, लेकिन सिंचाई की सुविधा आज तक नहीं मिली। अब समय आ गया है कि गोविंद सागर झील से इस क्षेत्र के लिए एक बड़ी उठाऊ जल सिंचाई परियोजना शुरू की जाए। यह केवल किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है।