ऊना। जिला में इस बार कई किसानों ने बैंगन की फसल उगाई है। फसल तैयार हो चुकी है और मंडियों में पहुंचने लगी है। मगर फसल को मंडियों में दस्तक दिए अभी 10 दिन का समय भी नहीं हुआ है और खरीदारों ने हाथ खींचना शुरू कर दिए हैं। खासकर गोलाकार बैंगन को कम खरीदार मिल रहे हैं, जबकि लंबे बैंगन की मंडी में 12 से 15 रुपये प्रतिकिलो तक की कीमत मिल रही है।
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह फसल बेचने के लिए मंडियों में पहुंचे किसानों में कई बिना उपज बेचे ही लौट गए। वहीं, जिनकी फसल बिकी उन्हें उम्मीद से बहुत कम कीमत मिल पाई। करीब चार दिन पहले बैंगन को 25 रुपये प्रतिकिलो तक दाम मिले थे। अब फसल हर तरफ तैयार होने लगी है और किसान मंडियों में पहुंचने लगे हैं तो दाम भी धड़ाम हो गए हैं। हालांकि जो किसान होशियारपुर मंडी में उपज लेकर जा रहे हैं, उन्हें कुछ अच्छे दाम मिल रहे हैं, लेकिन ऊना मंडी में किसानों को अच्छे दाम नहीं मिल रहे हैं। क्योंकि ऊना मंडी में खपत से अधिक बैंगन पहुंचना शुरू हो चुका है।
मंगलवार सुबह मंडी में बैंगन लेकर पहुंचे किसान अमनदीप, सुनील कुमार, प्रेम चंद और विनोद कुमार ने बताया कि उनकी इतनी पैदावार नहीं है कि बैंगन को गाड़ी में भरकर होशियारपुर ले जाएं, इसलिए ऊना मंडी आए। आकार में लंबे बैंगन को फिर भी खरीदार मिल गए, लेकिन कीमत कम मिली। मगर गोलाकार बैंगन को खरीदार ही नहीं मिले। इस कारण फसल लेकर लौटना पड़ा। उन्होंने कहा कि अभी तो कई किसान फसल लेकर मंडियों में आए ही नहीं है। ऐसे में भविष्य में दामों में और गिरावट आने की आशंका है।
हरी सब्जियों के लिहाज से ऊना में कई किसान अच्छा लाभ कमाते हैं। इस बार कई किसानों ने बैंगन की फसल पर अच्छी आय का भरोसा किया है। यह फसल गेहूं की फसल यानी सर्दियों तक खेतों में खड़ी रहती है। इसके दामों में भी उतार चढ़ाव आता हैं। उम्मीद है कि फसल को अच्छे दाम मिलेंगे और किसानों की आर्थिकी में सुधार होगा।
-डाॅ. कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग