ऊना। जिला ऊना का मुख्य बाजार हर दिन हजारों लोगोें से गुलजार रहता है लेकिन आग से सुरक्षा के नाम पर यहां सिर्फ लापरवाही और विभागों का सुस्त रवैया ही दिखाई देता है। दिल्ली में घटित अग्निकांड जैसी घटना अगर ऊना जैसे शहर में घटित हो जाए तो आज के दौर में शहर के बाजार में आगजनी से निपटने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं।
शहर फायर हाइड्रेंट योजना दो साल बाद भी अधूरी पड़ी है। जल शक्ति विभाग ने पाइपलाइन तो बिछा दी लेकिन दो साल में ओवरहेड टैंक का निर्माण नहीं कर पाया। ऐसे में जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के सुस्त रवैये को लेकर लोगों ने सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। लोगों का आरोप है कि क्या विभाग दिल्ली जैसे अग्निकांड का इंतजार कर रहा है।
हालात ऐसे हैं कि बाजार की संकरी गलियों में दमकल विभाग के वाहन तक नहीं पहुंच सकते। दमकल विभाग होज पाइपों के सहारे आग पर काबू पाने का दावा कर रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि बाजार में कभी बड़ा अग्निकांड हुआ तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
बाजार की तंग गलियां खतरे को और बढ़ा रही हैं। कई स्थानों पर अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण रास्ते इतने संकरे हो चुके हैं कि दमकल विभाग के बड़े वाहन अंदर तक नहीं जा सकते। ऐसे में यदि बाजार के बीचोंबीच किसी दुकान या इमारत में आग लगती है तो इससे निपटने के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है।
-प्रिंस राजपूत, व्यापार मंडल ऊना के प्रधान
जल शक्ति विभाग के एसडीओ शेर सिंह से सीधे सवाल
सवाल : शहर के बाजार में हाइड्रेेंट क्यों शुरू नहीं हुुए?
जवाब : दरअसल हाइड्रेंट की पाइपों में पानी की सप्लाई के ओवरहेड टैंक अभी बनना है।
सवाल: इस योजना को तो दो साल हो गए अभी तक क्यों नहीं बना?
जवाब : टैंक के लिए चयनित भूमि की निशानदेही नहीं हुई है।
सवाल: विभाग क्या दो साल इसकी निशानदेही नहीं करवा पाया?
जवाब : वो चुनावों में व्यस्त हो गए थे, अब इसकी निशानदेही करवा लेंगे।
सवाल: विभाग कब तक शहर के हाइड्रेंट चालू करेेगा।
जवाब : अब निशानदेही होने के बाद ही ओवरहेड टैंक बनेगा और इसके बाद ही हाइड्रेंट शुरू हो पाएंगे।
फिलहाल बाजार के रास्ते काफी तंग हैं और ऊपर से कई दुकानदार सामान भी बाहर तक रखते हैं। ऐसे आपात स्थिति में आग से निपटने के लिए सौ मीटर लंबे होज पाइप ही एक मात्र सहारा हैं। छोटी आग पर काबू पाने के लिए अग्निशामक यंत्र से पूरी तरह लेस मोटरसाइकिल काम में लिया जाता है।
-सुरेश कुमार, फायर स्टेशन अधिकारी