ऊना/गगरेट। जिले में कोरोना के साये के बीच स्कूल खुल गए हैं। पहले दिन नौवीं से बाहरवीं तक के विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। हालांकि पहले दिन काफी कम संख्या में बच्चे स्कूल आए। शिक्षा विभाग का मानना है कि पहले दिन आए बच्चों को देखकर अन्य बच्चे भी स्कूल आने के लिए प्रेरित होंगे।
जिले में नौवीं से बारहवीं तक 23169 में से 9055 ही विद्यार्थी सोमवार को स्कूल पहुंचे। जबकि 14,114 बच्चे अनुपस्थित रहे। जबकि 2769 में से 2625 शिक्षक ने उपस्थिति दर्ज करवाई है। शुरूआती दौर में अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने में कोई खास रूचि नहीं दिखाई है। जबकि सोमवार सुबह स्कूलों में बच्चों के प्रवेश के लिए सभी प्रकार के इंतजाम पुख्ता किए गए। स्कूल आने वाले हर बच्चे का तापमान चेक किया गया। जबकि हर बच्चे को सैनिटाइज किया गया। इसके अलावा स्कूल खुलने पर भी सैनिटाइजेशन कार्य किया गया। बेशक अभी कोरोना का काला साया गया नहीं है, लेकिन इन सब के बीच धीरे-धीरे जिंदगी पटरी पर आ रही है। हालांकि कोरोना से निपटने के लिए स्कूलों में कोई विशेष सुविधा तो नहीं है, लेकिन फिर भी स्कूल खोलने का रिस्क सरकार ने ले लिया है। इस संबंध में उच्च शिक्षा उपनिदेशक पीसी राणा ने बताया कि तापमान जांचने और सैनिटाइजेशन के बाद ही बच्चों को स्कूल में प्रवेश करने दिया है। एसओपी के मुताबिक ही काम किया गया है।
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स्कूल परिसर किया सैनिटाइज
गगरेट के सिद्ध चानो क्लब ने पहल करते हुए स्कूल को सैनिटाइज करने की पहल की है। क्लब के सदस्यों ने सीसे स्कूल अंबोटा को पूर्णतया सैनिटाइज किया। इस अवसर पर क्लब के अध्यक्ष राजकुमार जस्सल, सदस्य सोनू, निक्कू, मोंटी, विक्की, विजय, मोनू, अजय, तोलू, गौरव, रंजीत जस्सल व स्कूल के रविंद्र कुमार मौजूद रहे।
ऊना के कन्या स्कूल में कोरोना के बाद पहले दिन स्कूल क्लास रुम में बैठी छात्रा- फोटो : Una
ऊना के कन्या स्कूल में कोरोना के बाद पहले दिन स्कूल पहुचने पर थर्मल स्कैनिंग करते हुए- फोटो : Una