सूर्य मकर राशि में करेंगे प्रवेश, दोपहर 03:19 बजे तक कर सकते हैं स्नान
मकर संक्रांति पर दान करने से मिलता है पुण्य, एक महीने बाद बजेगी शहनाई
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश करने पर मंगलवार को मकर संक्रांति पर्व मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन स्नान, दान का विशेष महत्व है। तीर्थ स्थानों पर में जाकर स्नान करने और ब्राह्मणाें तथा गरीबों को दान करने से मनुष्य को पुण्य की प्राप्ति होती है। वहीं, मकर संक्रांति से सूर्य देव उत्तरायण होंगे। ऐसे में दिन बड़े होना शुरू हो जाएंगे। उत्तरायण होने से मांगलिक कार्य एक महीने बाद शुरू होंगे। लोग विवाह समेत सोलह संस्कार और शुभ कार्य कर सकेंगे।
शीतला माता मंदिर के पुजारी पंडित जयदेव तिवारी ने बताया कि मंगलवार को सूर्य देव सुबह 08:55 बजे मकर राशि पर प्रवेश करेंगे। मकर राशि में गोचर करने से मकर संक्रांति मनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि मकर संक्रांति पर स्नान का शुभ मुहूर्त सूर्योदय से दोपहर 03:19 बजे तक रहेगा।
बताया कि मकर संक्रांति पर विधिवत गणपति पूजा करने के बाद भगवान लक्ष्मीनारायण, शंकर का स्मरण कर जल में तिल डालकर स्नान करें। वहीं, अगर कोई तीर्थों में जाकर स्नान करने में असमर्थ है तो वह घर में स्नान करने वाले जल में तिल और गंगाजल डालकर स्नान कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सूर्य के उत्तरायण होने पर मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। कहा कि सूर्य के दक्षिणायण होने पर दिन घट रहे थे। हिंदू धर्म में घटते दिनों को शुभ कार्य करना अशुभ माना जाता है। ऐसे में अब उत्तरायण होने पर विवाह समेत सोलह संस्कार करना शुभ रहेगा।
तिल का दान करने का महत्व
पंडित जयदेव ने बताया कि मकर संक्रांति पर तिल का दान करने का विशेष महत्व है। तिल दान करने से मनुष्य को पुण्य की प्राप्ति होती है। तिल से बने हुए पदार्थों का भी दान कर सकते हैं। वहीं, गुड, फल, अनाज, आंवला दान करने से महान पुण्य प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की संक्रांति मेष, वृष, कर्क, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ राशि वालों के लिए शुभ है।