टैंकर में दूसरी बार तेल भरने के लिए ऑनलाइन अनुमति लेने का विरोध
कहा, ऑफलाइन प्रक्रिया ही बेहतर, नए नियमों से किया जा रहा तंग
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसीएल) पेखूबेला में टैंकरों में तेल भरने की प्रक्रिया से जुड़े नए आदेशों के खिलाफ मंगलवार को हेल्परों ने आईओसीएल प्रबंधन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रबंधन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए मुख्य गेट के बाहर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन को ट्रक चालकों का भी समर्थन मिला। हेल्परों का कहना था कि नए आदेश के तहत अब टैंकर में दूसरी बार तेल भरने के लिए ऑनलाइन अनुमति लेनी होगी, जबकि पहले यह प्रक्रिया ऑफलाइन दस्तावेजों के माध्यम से पूरी होती थी। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन अनुमति के लिए दुकान से आवेदन करने पर 50 रुपये तक का अतिरिक्त खर्च आता है, जबकि उन्हें एक टैंकर पर मात्र 300 रुपये मजदूरी मिलती है। इससे उनकी आय प्रभावित हो रही है। प्रदर्शन कर रहे सहायकों अजय कुमार, गौरव कुमार, धर्मवीर, हरजिंदर सिंह, जोरा सिंह, विजय कुमार, अशोक कुमार, तरलोचन सिंह, भूपिंदर सिंह, सन्नी, रिंकू, प्रकाश चंद, सुरिंद्र, रमन, वीरचंद, भानू, लक्की, लेखराज, राजेश कुमार, नरेश कुमार, रविंद्र सिंह, अवतार सिंह, मनीष कुमार, जसप्रीत सिंह और हनी ने प्रबंधन से पुराने नियमों को बहाल करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आदेश वापस नहीं लिए गए, तो वे आंदोलन को तेज करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नया आदेश न केवल अव्यवहारिक है, बल्कि मजदूर विरोधी भी है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल उनकी कमाई पर असर पड़ेगा, बल्कि कार्यप्रणाली भी जटिल हो जाएगी।
प्रबंधन से बनी सहमति, पुराने नियम लागू
आईओसीएल प्रबंधन और हेल्परों के बीच बातचीत के बाद सहमति बन गई। प्रबंधन ने घोषणा की कि टैंकर लोडिंग की प्रक्रिया पूर्ववत नियमों के अनुसार ही जारी रहेगी। इसके बाद सभी हेल्पर दोपहर बाद अपने कार्य पर लौट गए।