सैकड़ों कनाल उपजाऊ भूमि मलबे में तबदील
विधायक विवेक शर्मा और प्रशासन ने किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
प्रभावित परिवारों को दूसरी जगह शिफ्ट करने के आदेश
लोग बोले, आपदा ने मानसिक और आर्थिक रूप से तोड़ दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा (ऊना)। उपमंडल बंगाणा में भारी बारिश ने तबाही मचाई है। ग्राम पंचायत पलाहटा के गांव कुड, हरोट, कडथोली और क्यारियां में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भूस्खलन की चपेट में आने से कई रिहायशी मकान खतरे की जद में आ गए हैं। सैकड़ों कनाल उपजाऊ भूमि मलबे में तबदील हो गई है और छह से अधिक परिवार अपने घरों के उजड़ने की दहशत में जी रहे हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक विवेक शर्मा स्वयं प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे। उनके साथ एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल, तहसीलदार अमित कुमार सहित प्रशासनिक अधिकारी भी गांवों का दौरा करने पहुंचे। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार अब तक लगभग 15 परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता है। जिन परिवारों के घर ध्वस्त हुए हैं, उन्हें प्रशासन ने 10-10 हजार रुपये की फौरी राहत राशि प्रदान की है। विधायक ने आश्वासन दिया कि बारिश का दौर थमते ही पुनर्निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करवाया जाएगा। एसडीएम सोनू गोयल ने बताया कि पलाहटा पंचायत के गांव कुंड बासा, हरोट, गैहरा, कडथोली और क्यारियां में छह मकान गंभीर रूप से खतरे में हैं। उन्होंने कहा कि इन परिवारों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के आदेश दिए गए हैं, लेकिन कई लोग पैतृक घर और जमीन छोड़ने को तैयार नहीं हैं। प्रशासन ने अपील की है कि लोग खतरे की गंभीरता को समझें और अपनी जान की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
खेतीबाड़ी को भी भारी नुकसान
लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन से खेत, रास्ते और मकान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कुड और हरोट गांवों में कई जगहों पर भारी मात्रा में मिट्टी खिसककर खेतों में जा गिरी, जिससे मक्की व अन्य फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं। कडथोली और क्यारियां में कुछ मकानों की नींव और आंगन तक मिट्टी सरक चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि चारों ओर दरारें पड़ चुकी हैं और कभी भी मकान ढह सकते हैं।
स्थायी पुनर्वास पर काम शुरू
विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि जो परिवार पूरी तरह बेघर हो गए हैं, उनके स्थायी पुनर्वास की योजना भी तैयार की जा रही है। प्रशासन इस संबंध में रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजेगा। प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि इस आपदा ने उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से तोड़ दिया है। एक किसान ने कहा कि उसकी सारी जमीन भूस्खलन की भेंट चढ़ गई, अब न खेती बची है और न ही घर। महिलाओं ने चिंता जताई कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ रहना मुश्किल हो गया है। लगातार बारिश में घरों में ठहरना खतरे से खाली नहीं, लेकिन अपने घर-आंगन को छोड़ना भी बेहद कठिन है।
कुटलैहड़ के पलाहटा पंचायत में भूस्खलन से प्रभावित मकान। संवाद
कुटलैहड़ के पलाहटा पंचायत में भूस्खलन से प्रभावित मकान। संवाद