ऊना में कांफ्रेंस करते एडीजीपी।
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सीमावर्ती जिला ऊना में अब नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्ती से निपटेगी। नशे के खिलाफ प्रदेश सरकार के कड़े रुख के चलते अब पुलिस विभाग जिला ऊना को नशामुक्त करने के लिए निर्णायक कार्रवाई करेगा। प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (लॉ एंड आर्डर) संजय कुंडू ने बुधवार को बचत भवन में जिला के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में साफ कर दिया है कि या तो नशेड़ी नशा छोड़ दें या फिर जिला छोड़ दें।
उन्होंने कहा कि जिस तरह कांगड़ा जिले में पंजाब के साथ सटे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नशे के सौदागरों के खिलाफ कार्रवाई और धरपकड़ की गई है, वैसा ही अभियान अब सरहदी जिला ऊना में भी चलाया जाएगा। इसके लिए स्पेशल पुलिस फोर्स भी लगाई जाएगी। उल्लेखनीय है कि अमर उजाला ने जिले में नशे के बढ़ रहे प्रचलन को लेकर सिलसिलेवार खबरों से इस मसले को उठाया है। सोमवार को ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित खबर ‘पंजाब ही नहीं हिमाचल भी उड़ रहा नशे के जहाज’ के संदर्भ में एडीजीपी ने कहा कि निर्णायक और प्रभावी कदम उठाकर इस नशे के खिलाफ अभियान को अंजाम दिया जाएगा और नशे के कारोबार में लोग सलाखों के पीछे धकेले जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पंजाब की सीमाएं साथ सटी होने का फायदा उठाकर नशे के सौदागर यहां चोरी-छिपे अपना धंधा करते रहे हों लेकिन अब योजनाबद्ध तरीके और पूरी ताकत के साथ जिले में कारगर अभियान चलाया जाएगा। संजय कुंडू ने कहा कि जिला ऊना में अपराध दर में कमी आई है और हत्या तथा रेप के मामलों में पुलिस आरोपियों को दबोचने में कामयाब रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए गए हैं।