ऊना में बैठक के दौरान हिमआंचल पेशनर्ज संघ के सदस्य।संवाद
जिला मुख्यालय में हिमाचल पेंशनर्स संघ की बैठक में बनाई रणनीति
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला मुख्यालय के एक निजी होटल में बुधवार दोपहर हिमाचल पेंशनर्स संघ की बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत दिवंगत पूर्व प्रधान रमेश भारद्वाज और अन्य के लिए दो मिनट का मौन रखकर की गई। बैठक में प्रधान रामकुमार मक्खन की अध्यक्षता में राज्य प्रधान केसी गौतम, पूर्व प्रधान योगराज शर्मा, महासचिव ओमराज कंवर सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे। मंच का संचालन महासचिव देवराज शांडिल ने किया। इस दौरान लंबित वित्तीय अदायगियों के भुगतान में सरकार की देरी पर जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई। संघर्ष समिति के अध्यक्ष योगराज शर्मा, प्रधान केसी गौतम और महासचिव ओमराज कंवर ने कहा कि राज्य स्तर पर रोष व्याप्त है और सरकार से आग्रह किया गया है कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त पेंशनरों को उनकी ग्रेच्युटी, लीव इन कैशमेंट, जीएफ आदि का शीघ्र भुगतान किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि जुलाई 2023 से जुलाई 2025 तक डीए की पांच किस्तें तत्काल जारी की जाएं। उनका आरोप है कि लगभग 48 माह के एरियर और 65 वर्ष आयु के पेंशनरों को लाखों रुपये की बकाया राशि के भुगतान में सरकार आनाकानी कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि विधायक हर वर्ष अपना वेतन-पेंशन बढ़ाते हैं, लेकिन पेंशनरों की बारी आने पर धन की कमी का हवाला दिया जाता है। महासचिव देवराज शांडिल ने कहा कि हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि धन की कमी को आधार बनाकर कर्मचारियों की देय राशि में देरी करना न्यायोचित नहीं है। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि कर्मचारियों को अपनी सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार है और लीव इन कैशमेंट का समय पर भुगतान आवश्यक है। यदि सरकार उनकी मांगों को समय पर पूरा नहीं करती है तो प्रदेश स्तर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।