भरवाईं (ऊना)। हिमाचल प्रदेश गृह रक्षक कल्याण संघ के राज्य अध्यक्ष जोगिंद्र सिंह चौहड़िया ने कहा कि सरकार गृह रक्षकों की हकों को लेकर बार-बार हाईकोर्ट में समय-समय मांग रही है। हिमाचल प्रदेश के गृह रक्षक अपने भविष्य को लेकर लंबे समय से सरकार से ठोस नीति बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब वे नियमित सरकारी कर्मचारियों की तरह सेवाएं दे रहे हैं तो उन्हें अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह ही अवकाश, भविष्य निधि, चिकित्सा प्रतिपूर्ति लाभ, महिला जवानों के लिए मातृत्व अवकाश, अर्जित अवकाश के बदले मिलने वाली लीव इनकैश, ग्रैच्युटी, सेवा के दौरान मृत्यु पर परिवार के सदस्य को करुणामूलक आधार पर सरकारी नौकरी और पेंशन की सुविधा मिलनी चाहिए। मगर सरकार से आश्वासन के सिवाए कुछ भी नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। हिमाचल प्रदेश गृह रक्षक कल्याण संघ बनाम सरकार मामले की सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मगर सरकार ने इस दौरान कोई ठोस जवाब न देते हुए सुनवाई के लिए फिर चार सप्ताह का समय मांगा है। इससे पहले भी 10 जून 2024 को हाईकोर्ट चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब देने अथवा पक्ष रखने का समय दिया था। मगर सरकार बार-बार मामले को लंबा खींच रही है।