संतोषगढ़ (ऊना)। दस दिवसीय गणेश महोत्सव की शुरूआत शुक्रवार से हुई। सुबह से ही मंदिरों से लेकर घरों में गणपति बप्पा को विराजित करने का दौर शुरू हो गया। अब दस दिन तक मंदिरों और घरों में गणपति बप्पा मोरिया, मंगल मूर्ति मोरया का जयघोष सुनाई देगा।
अजोली स्थित शास्त्री मार्केट में गणेश महोत्सव आयोजन कमेटी की ओर से 27वें गणेश महोत्सव का आगाज भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना और पूजन के साथ किया गया। गणेश महोत्सव के पहले दिन विशेष पूजा अर्चना की गई और गणेश को लड्डू का भोग लगाया गया। कोविड के चलते इस बार जगह-जगह होने वाले कार्यक्रम आयोजन कमेटियों की ओर से रद्द कर दिया है। अजोली के साथ गीता भवन मंदिर ऊना और कई लोगों ने घरों में भी गणपति बप्पा को विराजित करवाया। इस बार मिट्टी के गणेश की डिमांड अधिक रही।
वीरवार से ही गणेश की प्रतिमाओं को घरों में विराजमान करने के लिए ले गए। उनकी शुक्रवार सुबह पूजा-अर्चना की गई इसके साथ गणपति की मूर्ति विराजित की गई। 19 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान की स्थापित की गई मूर्तियों का विसर्जन किया जाएगा।
अजोली की शास्त्री मार्किट में 27वें गणेश महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर गणेश महोत्सव कमेटी के अध्यक्ष प्रवीण द्विवेदी, रजिंद्र सोनी, ललित कुमार, पवन गौतम, राकेश संदल, सतीश, जुल्फी राम, विजय कुमार, राकेश कुमार, जसवंत कुमार नागपाल, गुलशन वासुदेव, निर्मल, अरुण चावला, अरविंद जोशी, नेहशी डेंटर, बहादुर विक्की, विकास चौहान, शिव कुमार, विशाल, बलराम पराशर, डॉ. नाथ, प्यारा सिंह मान, सोनू शारदा, रमन, सेवा सिंह, लक्की, कमल मेनन, गुरजिंदर सिंह शोकर, रामू, बलजीत, अजय कुमार, यशपाल, केवल, विनोद, नीलम कांडा, राजिंद्र फोरमैन, मनोज कुमार, सुभाष पुरी सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।