ऊना। शून्य विद्यार्थी संख्या वाले सरकारी स्कूलों को बंद करने की प्रक्रिया के तहत ऊना जिले में चार और स्कूल डिनोटिफाई किए गए हैं। इनमें राजकीय प्राथमिक पाठशाला पंजावर (बी), लंबासैल, अमलैहड़ और राजकीय माध्यमिक पाठशाला मलांगड़ शामिल हैं। सरकार की अधिसूचना जारी होने के बाद शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, हाल में प्रदेश के 100 शून्य विद्यार्थी संख्या वाले सरकारी स्कूलों को डिनोटिफाई किया गया है। इनमें ऊना के चार स्कूल भी शामिल हैं। इसके साथ जिले में अब तक 36 स्कूलों पर कार्रवाई हो चुकी है। इनमें 19 स्कूलों को अन्य स्कूलों में मर्ज किया गया है जबकि 17 स्कूल डिनोटिफाई किए गए हैं। इससे पहले अगस्त में जिले के कमाली मोहाला प्राथमिक स्कूल को भी डिनोटिफाई किया गया था।
उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा ऊना सोम लाल धीमान ने बताया कि अधिसूचना में शामिल जिले के चार स्कूलों के रिकॉर्ड और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निदेशालय के निर्देशों के अनुसार डिनोटिफाई स्कूलों से संबंधित प्रशासनिक और विभागीय कार्य पूरे किए जा रहे हैं।
घटती विद्यार्थी संख्या बनी वजह
शिक्षा विभाग के अनुसार जिन सरकारी स्कूलों में विद्यार्थी संख्या शून्य हो गई है, वहां शिक्षण व्यवस्था संचालित करना व्यावहारिक नहीं रह जाता। ऐसे स्कूलों को मर्ज या डिनोटिफाई कर विद्यार्थियों को आसपास के स्कूलों में शिक्षा सुविधा उपलब्ध करवाने और सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।