ऊना। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले में पांच जगह पर प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट स्थापित की गई हैं। सभी ब्लॉक में एक-एक पंचायत को यूनिट स्थापित करने के लिए चिह्नित किया गया है। 80 लाख रुपये की लागत से पांच यूनिट स्थापित की गई हैं। प्रत्येक यूनिट पर 16-16 लाख रुपये की राशि व्यय की गई है। वर्तमान में गगरेट ब्लॉक के भद्रकाली में 16 लाख रुपये यूनिट बनाने के लिए जारी किए गए हैं। ग्रामीणों की ओर से भद्रकाली में शेड निर्माण जो कि वर्तमान में पूरा हो गया है, लेकिन विवाद के चलते मसला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इसके अलावा बंगाणा के मुच्छाली, हरोली के पंडोगा और ऊना ब्लॉक के अजोली में 16-16 लाख रुपये की राशि से प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट स्थापित कर दिए गए हैं। अंब के धंदड़ी में यूनिट स्थापित किया गया है। प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट स्थापित करने से प्रत्येक ब्लॉक की चिह्नित की गई पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण परिवेश को प्लास्टिक वेस्ट से मुक्त करने की दिशा में विभाग और सरकार के संयुक्त प्रयासों से यह मुहिम सिरे चढ़ी है।
स्वच्छ भारत मिशन की जिला समन्वयक सुरेश कुमार वर्मा का कहना है कि जिला के गगरेट ब्लॉक को छोड़कर बाकी सभी चार ब्लॉक में चिह्नित की गई पंचायतों में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट स्थापित कर दी गई है। एक का केस कोर्ट में विचाराधीन है। वहां पर यूनिट लगा दी गई है। कोर्ट के आदेशों के बाद ही आगे संचालन होगा।
जिला ग्रामीण विकास विभाग के परियोजना अधिकारी रमनवीर चौहान का कहना है कि पांच प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट पर 80 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे।
उपायुक्त ऊना जतिन लाल का कहना है कि ग्रामीण परिवेश को प्लास्टिक वेस्ट से मुक्त करवाने की दिशा में सभी जनमानस के सहयोग से सरकार के स्वच्छ भारत मिशन की मुहिम को सार्थक बनाया जा सकता है। इसमें सर्वजन का सहयोग सर्वोपरि है।